साधारण विवादमें हिन्दू युवककी महाराष्ट्रमें मुसलमानोंने कर दी हत्या, बनाए गए बन्दी


०६ दिसम्बर, २०२१
         महाराष्ट्रके यवतमालके काली दौलतखानमें शुक्रवार, ३ दिसम्बर २०२१ को दिनके समय पांच जिहादियोंने एक २२ वर्षीय हिन्दू युवक श्याम शेषराव राठौडकी निर्दयतासे हत्या कर दी थी । श्याम उस समय काली दौलतखानके ‘बस’ स्थानक (स्टैंड) क्षेत्रमें दुपहिया वाहनसे  (बाइकसे) जा रहा था । श्यामकी ‘बाइक’से एक आरोपीको टक्कर लग गई, जिस कारण दोनोंमें कहासुनी हो गई । तभी आरोपियोंने उसे मार्गके मध्य रोका और अपने साथियोंसे मिलकर उसपर तीव्र धारवाले चाकू और ‘तलवार’से आक्रमण कर दिया । इससे श्यामकी आंत फट गई और उसकी उसी समय ही मृत्यु हो गई ।
           ‘पुलिस’ने श्यामकी हत्याके आरोपमें ४२ वर्षीय शेख सादिक अर्थात सदर मंसूर अली, २८ वर्षीय सैयद कलीम अर्थात सैयद हफीज, २९ वर्षीय मनु अर्थात सिराजुद्दीन, सबीरोद्दीन, वहबुद्दीन, मुकीमोद्दीन और रफीकुद्दीनको बन्दी बना लिया है । ‘पुलिस’ने उनके पाससे हत्याहेतु प्रयोगमें लाए गए घातक शस्त्र प्राप्त किए ।  उन्हें १० दिसम्बरतक ‘पुलिस’के अधिग्रहणमें भेज दिया गया है । अन्य आरोपियोंको अभीतक नहीं पकडा जा सका ।
        उसके गांवमें तनावका वातावरण बन चुका है । इस घटनामें मृतकका भाई लक्ष्मण भी चोटिल हो गया था । कुछ ग्रामीणोंने ‘बस स्टैंड’ क्षेत्रमें भी आग लगा दी । दोनों समुदायोंमें उपद्रवकी आशङ्काके चलते शुक्रवारकी रात्रिको आसपासके क्षेत्रोंमें भी ‘कर्फ्यू’ लगा दिया गया था ।
       सामान्यसी नोकझोंक होनेपर भी जिहादी मिलकर हिन्दुओंकी हत्या कर देते हैं । ऐसे जिहादियोंको जीवन पर्यन्तका कारावास दिया जाना चाहिए, जिससे भयभीत होकर अन्य जिहादी ऐसे जाघन्य अपराध न कर पाएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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