सीताराम येचुरीके विषकारी बोल, रामायण और महाभारत हिंसासे भरे हुए हैंं तो हिन्दू हिंसक क्यों नहीं हो सकते !!


मई २, २०१९

भारतमें कई वामपंथी संगठन और दल हैं; परन्तु भारतकी सबसे बडा वामपंथी दल ‘सीपीएम’ है, जिसके वर्तमान मुखिया सीताराम येचुरी है । सीताराम येचुरीने अब हिन्दुओंके २ सबसे पवित्र ग्रन्थ, महाभारत और रामायणपर कटाक्ष किया है ।

सीताराम येचुरीने कहा कि हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामायण और महाभारतमें हिंसा भरी हुई है, हिन्दू हिंसक क्यों नहीं हो सकते हैं ? येचुरी बता रहे थे कि हिन्दू भी हिंसक होते हैं, और हिन्दुओके तो धर्म ग्रन्थोंमें हिंसा भरी हुई है ।

सीताराम येचुरीने कहा कि रामायण और महाभारतमें हिंसा भरी हुई है, यदि आप इनका प्रचार करते हो और कहते हो कि हिन्दू हिंसक नहीं हो सकता ?, क्या तर्क है !

सीताराम येचुरीने हिन्दू ग्रंथोंको हिंसा सिखानेवाला बतानेका प्रयास किया और हिन्दू धर्मपर ही प्रश्न किए ।


यह कोई प्रथम अवसर नहीं है, जब वामपन्थी तत्त्वोंने हिन्दू धर्मपर प्रहार किया हो । वामपन्थी नेताओंका ये प्रतिदिनका कार्य है कि हिन्दू धर्मपर प्रहार करो, हिन्दू धर्मके विरुद्घ कुतर्क करो और आलोचना करो !


“वैसे तो वामपन्थी बुद्धिहीनोंको कुछ कहना व्यर्थ है, तदोपरान्त नाममें सीताराम रखकर रावण रुपी मन, विवेक और बुद्धिके स्वामी येचुरीजीको बताना चाहेंगें कि हिन्दुओंके देशमें हिन्दू धर्म ग्रन्थोंके विरुद्ध बोलनेपर आप खडे रह पाते हैं, यह हिन्दुओंकी अहिंसा नहीं तो क्या है ? एकबार वे ऐसा बाइबल और कुरानके विषयमें बोलें, सम्भवतः उन्हें स्वतः ही ज्ञात हो जाएगा कि हिंसा और अहिंसामें क्या भेद है ? हिन्दू शान्त हैं तभी तो श्रीरामने मुगलोंकी भांति लंकाकी स्त्रियोंका शीलहरण नहीं करवाया, धन नहीं लूटा, वरन उन्हींके भाईको ससम्मान राजपाठ दिया । हिन्दू शील हैं तभी तो निधर्मी कौरवोंको मारनेके पश्चात श्रीकृष्णने स्वयं न राज्यकर उन्हींके भाइयोंको राजपाठ दिया । येचुरी ऐसा उत्तम उदाहरण पातालमें भी ढूंढने जाएंगें तो नहीं मिलेगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : डीबीएन

 



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