जनवरी ८, २०१९
सबरीमाला मन्दिरके पास इरूमेलीमें प्रसिद्ध वावर मस्जिद जाना चाह रहे छह लोगोंको धार्मिक समूहोंके मध्य वैमनस्य फैलानेके प्रयासके आरोपमें बन्दी बना लिया गया । इनमें लोगोंमें तीन महिलाएं भी हैं । पुलिसने मंगलवार, ८ जनवरीको बताया कि हिन्दू मक्कल काचीके सदस्य बताए जा रहे छह लोग तमिलनाडूके रहने वाले हैं और वावर मस्जिद जाना चाहते थे । मस्जिदकी परिक्रमाके पश्चात श्रद्धालु आगे सबरीमलाकी यात्रापर निकलते हैं ।
सूचनाके अनुसार, सभी लोगोंके विरुद्ध विभिन्न धार्मिक समूहोंके मध्य विरोध बढाने, आपराधिक रूपसे अनाधिकार प्रवेश, अवैधानिक रूपसे एकत्र होने और उपद्रव फैलाने सहित ‘आईपीसी’की विभिन्न धाराओंके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किए गए हैं । बन्दी बनाई गई महिलाओंमें तिरूपुरकी सुशीला (३५), रेवती (३९) औप तिरूनलवेलीकी गांधीमाती हैं । पुरूषोंमें तिरूपति, मुरूगस्वामी और सेंतिल कुमार तिरूपुर और कोयम्बतूरके रहनेवाले हैं ।
उल्लेखनीय है कि इरूमेली नैनार जुमा मस्जिदको ‘वावर मस्जिद’के नामसे भी जाना जाता है । भगवान अयप्पाके दर्शनके लिए निकलनेवाले श्रद्धालु नवम्बर-जनवरीमें वार्षिक यात्राके समय मस्जिद जाते हैं । श्रद्धालु नमाज पढनेवाले स्थानपर नहीं जाते; किन्तु मस्जिदकी परिक्रमा करते हैं । परम्पराके अनुसार श्रद्धालु नारियल फोडकर और कनिक्का (प्रसाद) लेकर आगे बढते हैं ।
“सबरीमाला देवालय और महर्षि अगस्त्यकी पवित्र स्थलीपर महिलाओंको संरक्षण प्रदानकर पहुंचानेवाले मुख्यमन्त्री मस्जिदमें प्रवेश करनेपर रोक रहे हैं, इससे ही उनकी हिन्दूद्रोहिता व विषकारी नीतिका बोध होता है और इसके पीछे कारण केवल हिन्दुओं व तथाकथित हिन्दुओंके पक्षधर शासनकर्ताओं और धर्मज्ञोंका मौन है, जो धर्मद्रोहियोंका साहस और बढा देता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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