अप्रैल १४, २०१९
रजरप्पा थाना क्षेत्रके दुलमी प्रखण्डके सिकनी गांवमें शनिवार, १३ अप्रैलको रामनवमी शोभायात्रापर पथरावके पश्चात दो पक्षोंके मध्य तनाव हो गया है । इस पथरावमें कई अधिकारियोंको भी चोट आई है । घटनाके पश्चात सिकनी गांवमें भारी संख्यामें पुलिस बलको तैनात किया गया है । पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षोंके लोगोंको समझानेमें लगे हुए हैं ।
लोगोंने बताया कि वे लोग निर्धारित रास्तेसे रामनवमीका जुलूस गांवमें घूमा रहे थे । इसी मध्य पहलेसे सज्ज मुसलमान पक्षके लोगोंने अपनी छतोंसे जुलूसपर पथराव करना आरम्भ कर दिया । इस पथरावमें जुलूसमें सम्मिलित कई लोग चोटिल हो गए । इसके पश्चात जुलूसमें सम्मिलित लोगोंने भी पत्थर चलाना आरम्भ कर दिया । जुलूसके साथ उपस्थित पुलिस अधिकारियोंने स्थितिको अनियन्त्रित होता देख तत्काल इसकी सूचना पदाधिकारियोंको दी । सूचनापर दुलमी सीओ किरण सोरेन, रजरप्पाके एसआई अरूण सिंह सहित भारी संख्यामें पुलिस बल पहुंचकर स्थितिको नियन्त्रण करनेमें लग गए; परन्तु दोनों ओरसे हो रहे पथरावमें कई अधिकारियों सहित पुलिसवालोंको भी चोट आई है ।
“रामके देशमें अब राम नवमी मनाना ही दुष्कर हो गया है, इससे बडी विडम्बना क्या होगी ? राम भक्तोंपर इस पत्थरबाजीपर तथाकथित धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल, कुछ समाचार माध्यम और लिबरल समूहोंका मौन दिखाता है कि ये सभी भारतविरोधी गतिविधिमें संलिप्त हैं, जिनका उद्देश्य केवल हिन्दुओंका पतन है ! अपने आप सहिष्णु कहलानेवाला हिन्दू आज अपने धर्मके अस्तित्वके लिए लड रहा है, इसमें चूक हिन्दुओंकी ही है; क्योंकि धर्म विषयोंपर हमारा मौन ही निधर्मियों व जिहादियोंके साहसको इतना बढा पाया है कि धर्मान्ध पुलिसकी उपस्थितिमें भी पत्थरबाजी करते हैं अर्थात पुलिसका भी कोई भय नहीं है ! हिन्दुओ ! यदि धर्मरक्षा कर अपना अस्तित्व रक्षण करना चाहते हैं तो धर्माभिमानी बने और राम यात्रापर हुई पत्थरबाजीका मुखर होकर विरोध करें; क्योंकि अब यह लगभग प्रत्येक हिन्दू उत्सवका हो गया है कि धर्मान्ध पत्थर बरसाते हैं, जबकि आजतक ईद आदि किसी त्यौहारपर कोई उपद्रवकी बात नहीं आई । हिन्दू धर्मने तो सदैव सभीको बाहें फैलाकर अपनाया है; परन्तु यदि सामनेवाला बाहें ही काटने लगे तो क्या उन्हें और अधिक आश्रय देना उचित है ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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