‘जुमे’की ‘नमाज’ पढेंगे, होलीका संगीत यन्त्र अर्थात ‘डीजे’ बन्द करो, रंग खेल रहे लोगोंपर छतोंसे ‘पत्थरबाजी’, अबतक ३ को पकड चुकी है उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’


१९ मार्च, २०२२
     होलीमें संगीत यन्त्र अर्थात ‘डीजे’ बज रहा था । लोग आनन्दमें झूम रहे थे । तभी कुछ कट्टरपन्थी मानसिकताके लोगोंने ‘पथराव’ कर दिया और यह सब उत्तर प्रदेशके अमरोहा जनपदमें हुआ । पथरावके कारण आदेश और बंटी नामके २ व्यक्तियोंके घायल होनेकी सूचना है ।
     विवाद ‘जुमे’की ‘नमाज’के समय होलीमें बज रहे ‘डीजे’को बन्द करवानेके हठके पश्चात आरम्भ हुआ । ‘पुलिस’ने इस प्रकरणमें अबतक ३ आरोपितोंको बन्दी बनाया है । घटनाका ‘वीडियो’ सामाजिक जालस्थलपर तीव्रतासे ‘वायरल’ हो रहा है । इस छायाङ्कनके आधारपर ‘पुलिस’ शेष आरोपितोंको चिह्नित करके उनकी खोज कर रही है । घटना १८ मार्च शुक्रवारकी है ।
     समाचार संस्थानोंके प्रतिवेदनके अनुसार, प्रकरण अमरोहा कोतवाली क्षेत्रके ‘मोहल्ला’ छंगा द्वारका है । जनसंख्याके अनुसार, यह क्षेत्र मिश्रित क्षेत्र माना जाता है । यहींपर हिन्दू समुदायका एक मन्दिर और धर्मशाला है । कुछ ही अन्तरपर एक ‘मस्जिद’ है । होलीके दिवस मध्याह्नमें लगभग डेढ बजे रंग-गुलालसे खेल रहे हिन्दू समाजके लोग ‘डीजे’पर नृत्य भी कर रहे थे । इसी मध्य ‘जुमे’की ‘नमाज’के लिए पहुंचे धर्मान्धोंने ‘डीजे’ बन्द करनेको कहा ।
     होली खेल रहे लोगोंने ‘डीजे’ बन्द करनेसे मना किया तो प्रकरण वाद-विवादतक पहुंच गया । कुछ ही समय पश्चात दोनों पक्षोंमें झडप आरम्भ हो गई । इसी मध्य एक पक्ष छतोंपर चढकर ‘पत्थरबाजी’ करने लगा । ‘पथराव’में होली खेल रहे २ युवक घायल हो गए ।
       दीर्घकालसे हिन्दुओंने क्षात्रधर्मका त्याग कर दिया है और जबसे सहिष्णुताका परिधान पहन रखा है, तभीसे धर्मान्ध जिहादियोंका मनोबल बहुत ऊंचा है; अत: हिन्दुओ, क्षात्रधर्मको अपनाकर धर्म और त्योहारोंपर हो रहे अपघातोंको रोकनेके लिए विधानके अन्तर्गत विरोध करना सीखो ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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