‘श्रीकृष्ण मन्दिरपर बने ‘ईदगाह मस्जिद’में ‘नमाज’ पढनेपर लगे रोक, मन्दिरके चिह्नोंको मिटा रहे मुसलमान,’ ‘एडीएम’को हिन्दू पक्षने लिखा पत्र
२५ नवम्बर, २०२१
मथुराके श्रीकृष्ण जन्मभूमिपर बने विवादित ‘शाही’ ‘ईदगाह मस्जिद’में ‘नमाज’ पढनेको लेकर आपत्ति प्रविष्ट कराते हुए इसपर रोक लगानेकी मांंग की गई है । हिन्दुओंका कहना है कि ‘ईदगाह’में पहले कभी ‘नमाज’ नहीं पढी गई; किन्तु विगत कुछ समयसे इस विवादित ‘मस्जिद’में पांंचों समयकी ‘नमाज’ पढी जाने लगी है । इस सम्बन्धमें श्रीकृष्ण मुक्ति आन्दोलन समितिके अध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंहने जिलाधिकारीके नाम एक प्रार्थनापत्र ‘एडीएम’को सौंपा है, जिसमें कहा है कि ‘शाही ईदगाह मस्जिद’ भगवान श्रीकृष्णके मूल गर्भगृहपर बनी हुई है । इसकी भूमिको लेकर विवाद चल रहा है और प्रकरण न्यायालयमें है । उन्होंने कहा कि विवाद होनेपर भी कुछ दिवसोंसे ‘ईदगाह मस्जिद’में पांंच समय ‘नमाज’ पढी जाने लगी है । इसके पूर्व इस ‘मस्जिद’में कभी ‘नमाज’ नहीं पढी गई । उन्होंने तर्क दिया कि इस कृतिसे सामाजिक सौहार्द्र बिगडनेकी आशंका है ।
महेंद्र प्रताप सिंहने प्रार्थनापत्रमें तर्क दिया कि ‘ईदगाह मस्जिद’ भगवान श्रीकृष्णके मन्दिरके एक भागको तोडकर बनाई गई है । क्रूर मुस्लिम आक्रान्ता औरंगजेबने मन्दिरको तोडकर ‘ईदगाह मस्जिद’का निर्माण कराया था । उन्होंने कहा कि ‘मस्जिद’की भीतोंपर आज भी मन्दिरके अवशेषके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं । उन्होंने कहा कि इसकी भीतोंपर (दीवारोंपर) शंख, चक्र आदिको स्पष्ट रूपसे देखा जा सकता है । मुसलमान पक्ष ‘जानबूझकर’ इन चिह्नोंको मिटानेको प्रयासरत है । इसलिए ‘ईदगाह’में ‘नमाज’ पढनेसे रोकना बहुत आवश्यक है ।
हिन्दुओ ! अपनी भक्ति, साधनामें वृद्धिकर हिन्दू राष्ट्र स्थापनार्थ कृतिशील रहे, तभी मुसलमानोंद्वारा अधिग्रहित की गई असंख्य धरोहरोंको मुक्त कराना सम्भव होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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