‘बूचडखानों’के लिए ‘स्टनिंग प्रक्रिया’ क्रियान्वित करेगा कर्नाटक शासन, शीघ्र गठित होंगे दिशा निर्देश
३ अप्रैल, २०२२
कर्नाटकके पशुपालनमन्त्री प्रभु चौहानने शनिवारको बताया कि वे पशु प्रेमियोंकी मांगपर विचारकर ‘बूचडखानों’में ‘स्टनिंग प्रक्रिया’ अनिवार्य करेंगे । यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके अन्तर्गत पशुको वधसे पूर्व बेसुध किया जाता है । उन्होंने कहा कि अभीतक यह प्रक्रिया क्रियान्वित नहीं की गई है । इसके अन्तर्गत प्राणीका सीधे ‘हलाल’ या ‘झटके’से वध नहीं किया जा सकता ।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र शासनने पशुक्रूरता अधिनियमके अन्तर्गत ‘स्टनिंग प्रक्रिया’को उचित माना है । यदि ‘बूचडखाने’ इस प्रक्रियाका पालन नहीं करते तो उनके विरुद्ध ५० रुपये दण्ड है, जिस राशिमें वृद्धिकर अर्थदण्ड ५०००० से १ लाख करनेपर विचार किया जा रहा है । वर्तमानमें इस प्रक्रियाका पालन न करनेपर ६ माससे ३ वर्षतक कारावासका प्रावधान है, जिसमें वृद्धिकी सम्भावना है ।
पशुवध करते समय पशु जो कष्ट पाते हैं, उनके कष्ट न्यून करनेके लिए यह एक उचित प्रक्रिया है; परन्तु यह नियम सभी राज्योंमें क्रियान्वित हो तो अधिक उचित होगा । इस हेतु एक देश एक विधानकी भी मांग होनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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