नई दिल्लीः छत्तीसगढमें माओवाद प्रभावित जिला सुकमाके तुमीरपाडमें पुलिस और नक्सलियोंमें भीषण भिडंत हुई है। पुलिस और माओवादियोंके मध्य हुई भिडंतमें कई नक्सलियोंके मृत होनेका अनुमान लगाया जा रहा है। ज्ञात हो कि पुलिस और नक्सलीके मध्य यह भिडंत आधे घंटेतक चली जिसमें पुलिस और नक्सलियोंकी तरफ से गोलीबारीकी गई। भिडंत समाप्त होनेके पश्चात सभी नक्सली, घायल और मारे गए साथियोंको लेकर भाग निकले है। पुलिसने क्षेत्रकी घेराबंदी करके खोज शुरू कर दी है। पुलिसका मानना है कि इस भिडंतमें कई नक्सली मृत हुए हैं और पुलिस सभी शवोंकी खोज कर रही है।
DRG और STF COBRAका सयुंक्त अभियान
ज्ञात हो कि नक्सलियोंके विरुद्ध यह अभियान DRG और STF COBRAका संयुक्त अभियान था। एसटीएफ और डीआरजीके दलने इस संयुक्त अभियानमें कई नक्सलियोंको मारनेका आधिकारिक कथन किया है। पुलिसका कहना है कि भिडंतके बाद माओवादी अपने मृत साथियोंका शव लेकर भाग निकले हैं।
५ मईको सुकमाके चिंतलनार और जगरगुंडासे बंदी बनाये गए ११ नक्सली
३ मईको भी गरियाबंदमें पुलिस और नक्सलियों में भिडंत हुई थी जिसमें दो जवान शहीद हो गए थे। अधिकारियोंके अनुसार नक्सलियोंको आमामोरामें जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविरके आयोजनका पहले से ही ज्ञान था। जिसके कारण नक्सलियोंने अवसर मिलते यहां आक्रमण कर दिया। गरियाबंदमें आक्रमणके बाद पुलिसने ५ मईको सुकमाके ही चिंतलनार और जगरगुंडा थाना क्षेत्रमें २ दिनके अंदर ही ११ से अधिक नक्सलयोंको बंदी बनाया था, जिसे पुलिसकी बडी उपलब्धि माना जा रहा है।
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