स्वस्थ रहने हेतु जलसे सम्बन्धित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्योंका अवश्य करें पालन (भाग-आ)
पानी पीनेकी योग्य रीति और उपयुक्त समय
* भोजन करते समय और भोजन करनेके कमसे कम ४५ मिनिट पश्चाततक पानी नहीं पीना चाहिए, इससे पाचन शक्ति दुर्बल होती है ।
* भोजनके पश्चात तुरन्त पानी पीनेसे शरीरपर मोटापा चढता है और मलावरोध (कब्ज) भी हो जाता है । उष्ण भोजन, खीरा, खरबूजा, आदिके उपरान्त पानी पीनेसे बचना चाहिए ।
* प्रातः उठते ही सवा लीटर गुनगुना पानी पीना, शरीरके लाभदायक होता है । यदि प्रातः चाय पीनेका व्यसन हो तो पहले जल पी लें एवं कमसे कम २० मिनिट पश्चात चाय लें, इससे चायसे कम प्रमाणमें हानि होगी ।
* व्यायाम करनेसे पहले पानी पीना शरीरके लिए अच्छा रहता है, इससे मांसपेशियोंको शक्ति मिलती है । व्यायामके पश्चात तुरन्त पानी नहीं पीना चाहिए, इससे कई प्रकारके रोग होनेकी आशंका रहती है ।
* कभी भी खडे होकर पानी नहीं पीना चाहिए, शरीरके जोड अशक्त होते हैं । पानी सदैव बैठकर और घूंट-घूंटकर पीना चाहिए ।
प्रातः उठते ही पानी क्यों पीना चाहिए ? अब इसके विषयमें जानते हैं –
प्रातः उठकर पानी पीनेके लाभ :-
★ शरीरमें विद्यमान विषैले पदार्थ निकल जाते हैं, जिससे रक्त स्वच्छ हो जाता है और त्वचापर भी चमक आती है । ★ नई कोशिकाओंका निर्माण होता है । मांसपेशियां भी सुदृढ होती हैं ।
★ चयापचय (मेटाबॉलिज्म) सक्रिय हो जाता है, भार घटाता है ।
★ मलावरोधकी (कब्जकी) समस्या नहीं होती । प्रातः पेट स्वच्छ होनेपर, ऐसे लोग जो कुछ भी खाते हैं उसका उनके शरीरको पूर्ण लाभ मिलता है । मलबन्धके कारण होनेवाले अन्य रोग भी नहीं होते ।
★ गले, मासिक धर्म, आंखों, मूत्र और वृक्क (किडनी) सम्बन्धी कई समस्याएं शरीर से दूर रहती हैं ।
केवल योग्य रीतिसे ही नहीं; अपितु सही मात्रामें और उचित समयपर पानी पीनेसे हमें कई रोगोंसे मुक्ति मिल सकती है । यहांतक कि पाचनतन्त्र सुदृढ होकर मलावरोध दूर होता है, ‘कोलेस्ट्रोल’ कम होनेसे हृदयाघातकी आशंका कम होती है ।
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