स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-६)


पाचन शक्ति ठीक रखनी हो तो भोजन योग्य समयपर करें और प्रत्येक कौरको ३२ बार चबाएं !
जब आप चबा-चबाकर खाते हैं तो आपका पाचन तन्त्र, पाचनके लिए स्वयंको सिद्ध करता है । आप जितना चबा-चबाकर खाते हैं, पाचनतन्त्र उतनी ही उत्तम रीतिसे कार्य करता है ।
अच्छेसे चबाते हुए भोजन करनेसे, भोजन कई भागोंमें बंटकर लारके (सलाईवाके) साथ मिलकर, अच्छे पाचनके लिए सिद्ध हो जाता है । वहीं शीघ्रसे खाते हुए अर्थात भोजनके ग्रासको न चबानेपर ठीकसे पाचन नहीं होता ।
धीरे-धीरे चबाकर खानेपर आपके शरीरको आवश्यक हार्मोन स्रवणके लिए पर्याप्त समय मिल जाता है, जैसे ‘लेप्टिन’, ‘ग्रेलिन’ आदि । इनका पाचन क्रियामें महत्त्वपूर्ण योगदान है ।
हमारा मुखमें ‘टाइलिन’ नामक ‘एंजाइम’ निकलता रहता है, जिसका भोजनके साथ भली-भांति मिलना आवश्यक होता है, जिससे पाचन क्रियामें सहायता मिल सके । ‘कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट’ अपनी शर्करा और दूसरे ‘विटामिन’ और खनिज तत्त्वों (मिनरल्सको) सबसे पहले मुखमें निस्तारित करते हैं, जिससे आपका शरीर उसे ग्रहण कर सके । साथ ही थूक या लार क्षारीय गुणवाला है । जो भोजनको भी क्षारयुक्त बना देता है ।
आप भोजनको चबाएंगे नहीं तो जो कार्य मुखमें होना चाहिए वह उदरमें होगा, इससे शारीरिक संयन्त्रके संचालनमें बाधा आती है ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution