
हिंदुत्त्व्वादी आध्यात्मिक संस्थाओं एवं हिन्दू धर्मगुरुओंपर लांछन लगाकर उन्हें प्रताडित करते समय उनके विरुद्ध होनेवाले षड्यंत्रोंके विरोधमें जो भी मुखर होकर विरोध नहीं करते ऐसे सभी हिंदुत्त्वनिष्ठ राजनतिक पक्ष, संस्था एवं व्यक्ति सभी ‘तथाकथित हिंदुत्त्वादी’ होते हैं उनसे सभी ‘कर्म हिन्दू’ सावधान रहे, वे बिन पेंदेके लोटे समान अवसरवादी होते हैं ! जब उन्हें हमारी अवश्यता होगी तो निश्चित ही वे स्वयंको अकेला पाएंगे ! ईश्वरकी लाठी उनपर आज नहीं तो कल अवश्य बरसेगी !-तनुजा ठाकुर
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