तेजोमहालयके (ताजमहलके) २२ बन्द द्वारोंको खुलवानेकी मांग, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षणद्वारा जांचके लिए याचिका प्रविष्ट
९ मई, २०२२
प्रयागराज उच्च न्यायालयकी लखनऊ ‘बेंच’में एक याचिका प्रविष्ट की गई है । इसमें भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षणको आगरामें तेजोमहालयके भीतर २० द्वारोंको खोलनेका निर्देश देनेकी मांग की गई है । जिससे यह पता लगाया जा सके कि वहां हिन्दू प्रतिमाएं और शिलालेख हैं या नहीं ? यह याचिका ‘भाजपा’के अयोध्या जनपदके ‘मीडिया’ प्रभारी डॉ. रजनीश सिंहकी ओरसे प्रविष्ट की गई है । १० मई अर्थात मंगलवारको याचिकापर सुनवाई होगी ।
याचिकामें ‘ताजमहल’को तेजोमहालय बताते हुए भारतीय शासनसे तथ्य खोज समिति गठित करनेके निर्देश देनेकी मांग की गई है । इसमें कहा गया है कि तेजोमहालय परिसरका सर्वेक्षण आवश्यक है, जिससे शिवमन्दिर होने और तेजोमहालय होनेकी वास्तविकताका पता लगाया जा सके ।
स्वतन्त्रता पश्चात ७५ वर्षोंसे तेजोमहालयकी वास्तविकताका रहस्य सार्वजनिक न करना निःसन्देह ही सर्वदलीय राज्यकर्ताओंकी शून्य इच्छाशक्ति और सन्दिग्धताकी ओर संकेत कर रहा है; अतः तेजोमहालयकी निष्पक्ष और निष्कपट जांच होना चाहिए; ऐसी सभी हिन्दुओंकी मांग है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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