५ ‘भाजपा’ नेताओं और ‘पुलिस’ अधिकारीकी हत्या करनेवाला आतङ्की शहजाद अहमद सेह हुआ मुठभेडमें ढेर, ७ लाखका था पुरस्कार
२५ दिसम्बर, २०२१
जम्मू-कश्मीरके अनंतनाग और कुलगांव क्षेत्रमें गत एक वर्षसे आतङ्कका पर्याय बने हिजबुल मुजाहिद्दीनके आतङ्की शहजाद अहमद सेहको शुक्रवार, २४ दिसम्बर २०२१ को सुरक्षाबलोंने ढेर कर दिया । उसपर ‘भाजपा’के पांच नेताओं और ‘पुलिस’ अधिकारी अशरफ भटकी हत्या करनेका आरोप है ।
प्रतिवेदनके अनुसार, शहजाद सेहपर ७ लक्ष रुपएका पुरस्कार रखा गया था । वह ‘ए’ श्रेणीके मुख्य आतङ्कियोंमें सम्मिलित था । शुक्रवारको बीजबेहाडाके अरवनीमें सुरक्षाबलोंके साथ मुठभेड हुई थी, जिसमें उसे ढेर कर दिया गया । कश्मीरके ‘आईजी’ विजय कुमारने अरवनी मुठभेडमें कुख्यात आतङ्कीके मारे जानेकी पुष्टि की है ।
इसके अतिरिक्त, सुरक्षाबलोंने अन्य दो आतङ्कवादियोंको बन्दी बनाया है । दोनों आतङ्की ‘लश्कर’से जुडे बताए जा रहे हैं । जम्मू-कश्मीर ‘पुलिस’ने बताया, हमारे आलेखके अनुसार, मारा गया आतङ्कवादी हिजबुल मुजाहिद्दीनसे जुडा था । ‘पुलिस’ने बताया कि १९ अक्टूबर २०२० चांदपोरा कनेलवांमें अनंतनागके ‘पुलिस’ निरीक्षक मोहम्मद अशरफ भटकी हत्यामें सम्मिलित था । इसके पश्चात, २९ अक्टूबर २०२० को ‘वाई के पोरा’ कुलगाममें तीन ‘भाजपा’ कार्यकर्ताओंकी हत्यामें सम्मिलित था ।
बन्दी बनाए गए आतङ्कियोंकी अभिज्ञान मोहल्ला मोछवा निवासी इमरान मजीद और माग्रे मोहल्ले मोछवा निवासी मोहम्मद अमीन राथरके रूपमें हुआ है । सुरक्षाबलोंने इनके पाससे दो ‘हैंडग्रेनेड’, दो ‘एके’-४७ ‘मैगजीन’, ३० जीवित ‘एके’-४७ सक्रिय (जिंदा) ‘कारतूस’ प्राप्त किए हैं ।
जम्मू-कश्मीरसे आतङ्कवादी और आतङ्क तबतक समाप्त नहीं होंगे, जबतक पाकिस्तान जिसे ‘आतङ्किस्तान’ कहना अधिक उपयुक्त है, मानचित्रसे मिट नहीं जाता है । प्रतिदिन होनेवाली मुठभेडेंमें जिनमे कई बार आतङ्कियोंके साथ सुरक्षाबल और निर्दोष नागरिकोंका भी जीवन समाप्त होता ही है; अत: जितना शीघ्र हो पाकिस्तानके विरुद्ध कार्यवाहीकर कश्मीरघाटीमें शान्ति स्थापित की जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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