जनवरी १, २०१९
मेघालयके राज्यपाल तथागत रॉयने शुक्रवार, १ फरवरीको दावा किया कि ‘कोलकाता पुस्तक मेला’के आयोजकोंने उन्हें जन संघके संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जीपर उनकी पुस्तक पढनेकी वहां आज्ञा दी थी; परन्तु बादमें वे मना कर गए ! वहीं, सम्पर्क किए जानेपर गिल्ड महासचिव त्रिदीब चटर्जीने इस प्रकरणपर टिप्पणी करनेसे मना कर दिया । रॉयने कहा कि आयोजकोंने उन्हें चार फरवरीको एक ‘बुक रीडिंग सत्र’ करनेकी आज्ञा दी थी; परन्तु वे लोग अपरिहार्य कारणोंका बताते हुए इससे पीछे हट गए । ‘भारतकेसरी युगपुरूष श्यामाप्रसाद’ पुस्तकका गत माह विमोचन हुआ था । उल्लेखनीय है कि रॉय भाजपाकी पश्चिम बंगाल इकाईके प्रमुख रह चुके हैं और वह ममता बनर्जीके कटु आलोचक भी रहे हैं । पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोषने आरोप लगाया कि राज्य शासनने मुखर्जीपर यह पुस्तक होनेके चलते रॉयको ऐसा नहीं करने दिया ।
“बंगालमें नमाज कहीं भी पढी जा सकती है, मस्जिदें बन सकती हैं, हिन्दुओंको भगाया जा सकता है, दुर्गा पूजा नहीं करने दी जाती, आतंकी अपना प्रचार कर सकते हैं; परन्तु आदरणीय जननायक श्यामा प्रसाद मुखर्जीकी पुस्तक नहीं पढी जा सकती है !! यह बंगालकी मुस्लिम तुष्टिकरणकी पुरोधा मुख्यमन्त्रीका नूतन बंगाल है, वह नहीं जहां महान सन्तों व जननायकोंने जन्म लिया !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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