मई ७, २०१९
मध्य प्रदेशकी भोपाल लोकसभा सीटपर भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा और कांग्रेसके दिग्विजय सिंहके मध्यकी प्रतिस्पर्धा चरमपर पहुंच गई है । इसपर अब चुनावी घमासानके मध्य साधु-सन्तोंका प्रवेश भी हो गया है । भाजपाकी प्रज्ञा ठाकुरको उत्तर देनेके लिए दिग्विजय सिंहके समर्थनमें साधु-सन्तोंकी टोली उतर आई है । भाजपा साध्वी प्रज्ञाको हिन्दुत्व प्रत्याशीके रूपमें प्रस्तुत कर रही है और अब ऐसा लग रहा है कि प्रज्ञा ठाकुरके प्रखर हिन्दुत्वका सामना करनेके लिए दिग्विजय सिंहको हठयोगका आश्रय लेना पड रहा है ।
भोपालमें दिग्विजय सिंहने कम्प्यूटर बाबाकी अध्यक्षतामें पत्नी अमृताके साथ पूजा पाठ और हवन किया । कम्प्यूटर बाबाने दिग्विजय सिंहके समर्थनमें सहस्रोंकी संख्यामें साधु-सन्तको लेकर भोपालमें शिविर लगाकर हठयोग आरम्भ कर दिया है । भोपालके कोहेफिजा स्थित सोफिया महाविद्यालयके मैदानमें साधु-सन्त एकत्र होकर धुनी रमा रहे हैं और दिग्विजय सिंहकी विजयके लिए हवन कर रहे हैं । इसके साथ ही कम्प्यूटर बाबा, दिग्विजय सिंहका प्रचार-प्रसार करनेके लिए ८ मईको शोभा यात्रा भी निकालेंगें ।
वास्तवमें कम्प्यूटर बाबाने साधुओंको झूठ बोलकर दिग्विजय सिंहके लिए पूजा-पाठ करनेके लिए बुलाया था । ‘रिपब्लिक भारत’ने जब एक साधुसे बात की तो उन्होंने कहा कि वो लोग यहां कम्प्यूटर बाबाके कहनेपर आए हैं । कम्प्यूटर बाबाने उन्हें बताया था कि यहांपर भण्डारा है; परन्तु यहां आकर ज्ञात हुआ कि कांग्रेसके पक्षमें बोलना है, दिग्विजय सिंहको विजयी बनाना है । उन्होंने कहा कि सन्यासियोंको कोई पार्टीसे लेना-देना नहीं है, बीजेपी आए चाहे कांग्रेस !
उल्लेखनीय है कि कम्प्यूटर बाबा शिवराज सिंह चौहान शासनमें मन्त्री थे; परन्तु बादमें वो मनमुटावके चलते शासनसे बाहर आ गए थे । भाजपासे बाहर निकले कम्प्यूटर बाबा कांग्रेसको समर्थन दे रहे हैं ।
जब इसपर साध्वी प्रज्ञासे बात की गई तो उन्होंने कहा कि ये लोग भगवाकरणका दिखावा कर रहे हैं । प्रज्ञाने गत दिवसोंकी एक रैलीका वर्णन करते हुए बताया कि उस रैलीमें कम्प्यूटर बाबा सडकके किनारे भीख मांगनेवालोंको भगवा पहनाकर रैलीमें लाए थे । जब मीडिया वालोंने उनसे पूछा कि वो लोग कहांसे आए हैं ? तो उनलोगोंने बताया कि वो लोग भीख मांग रहे थे; परन्तु कम्प्यूटर बाबा उन लोगोंको पैसे देकर सभामें ले आए हैं ।
“कुछ दिवस पूर्व दिग्विजय सिंह कह रहे थे कि उन्हें हिन्दुत्व शब्दसे कोई लेना-देना नहीं है, इसका कोई अर्थ नहीं है और अब झूठ और छद्म रूपधारी तथाकथित बाबाका आश्रय लेकर साधु-सन्तोंका प्रयोग कर रहे हैं; परन्तु वे सम्भवतः भूल गए हैं कि साधु-सन्त कोई कांग्रेसके एजेंट नहीं वरन ईश्वरके एजेंट हैं, तभी उनकी पोल खोलकल रख दी ! इन सब कृत्योंसे दिग्विजय और कम्प्यूटर छद्म बाबा अपने चरित्रका ही परिचय दे रहे हैं; अन्यथा जिन साधुओंका समूचे भारतवर्षमें सम्मान किया जाता है, उनका दुरुपयोगकर ऐसा अपमान करनेका दिग्विजय दुस्साहस न करते !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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