पचास वर्षीया मुसलमान स्त्रीने बेटे और मित्रके साथ मिलकर ७५ वर्षीया हिन्दू वृद्धाकी गला घोंटकर कर दी हत्या, आभूषण लूट लिए, बनाए गए बन्दी
१७ जनवरी, २०२२
केरलके तिरुवनंतपुरम जनपदमें विझिंजम ‘पुलिस’ने एक ५० वर्षीया मुसलमान स्त्री रफीकाको बन्दी बना लिया है । रफीकाके साथ उसके बेटे और एक मित्रको भी पकड लिया गया है । शनिवार, १५ जनवरी २०२२ को रफीकाने एक ७५ वर्षीया वृद्ध महिलाकी हत्या कर दी और उसके स्वर्णके आभूषण चोरी कर लिए । मृतका मुल्लूरके अलुम्मुडू वीडूकी निवासी शान्ता कुमारी है । ५० वर्षीया रफीका, उसका २३ वर्षीय बेटा शफीक और रफीकाका २६ वर्षीय मित्र अल-आमीन, शान्ताकुमारीके पडोसी थे और श्रीकुमारके भाडेके घरपर रह रहे थे । तीनोंने एक दिवस शान्ताकुमारीको अपने घरपर बुलाया और शालसे उसका गला घोंटकर, उसके सिरपर हथौडा मारकर उसकी हत्या कर दी । वृद्धाके आभूषण लूटकर, उसके शवको अपने घरमें ही छुपा दिया । हत्याके पश्चात आरोपियोंने घरके स्वामी श्रीकुमारके बेटे बताया कि वे घर छोड रहे हैं । घर खोलकर देखनेपर, घरके स्वामीके बेटेने छतसे शवका रक्त बहता हुआ पाया, तो उन्होंने अपने पडोसियोंको बताया । उन्होंने समय व्यर्थ किए बिना विझिंजम ‘पुलिस’को इसकी सूचना दी । ‘पुलिस’ने सन्दिग्धोंके चलभाष चिह्नितकर (‘ट्रेस’कर) उनकी स्थितिको ज्ञात किया और तीनों आरोपियोंको कोझीकोड जानेवाली एक निजी ‘बस’-वाहनके चालकको सूचितकर, ‘थाने’के पास वाहन रुकवाकर आरोपियोंको बन्दी बना लिया ।
जिहादी हिन्दुओंके घरोंमें रहकर भी, हिन्दू पडोसियोंको लूटते और हत्याएं करते हैं । भाडेके लोभमें अपने घर अथवा संस्थान, ऐसे निकृष्ट लोगोंको देनेसे हिन्दुओंको बचना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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