नृत्य हेतु बुलाकर वेश्यावृत्तिके लिए करते थे बाध्य, तपती छडोंसे जलाते थे महिलाओंका शरीर
२८ नवम्बर, २०२१
बिहारके सीतामढी जनपदमें ‘पुलिस’ने वेश्यालय क्षेत्रमें एक मुसलमान महिला सहित दो अन्य मुसलमानोंको भी बन्दी बना लिया है । ‘रेडलाइट एरिया’में छापेमारीके मध्य २ लडकियोंको बलपूर्वक देह व्यापारसे मुक्त करवाया गया है । आरोपी महिला चांदनी खातून और दोनों पुरुष मोहम्मद बादल और मोहम्मद असगर सगे भाई हैं । छापेमारीके मध्य इस ‘धन्धे’में सम्मिलित कई अन्य महिलाएं भाग गईं हैं । ‘रेडलाइट एरिया’ क्षेत्र नगरसे सटा हुआ है । ‘पुलिस’की गुप्तचर कार्यवाहीके आधारपर, यह छापेमारी की गई । यहांपर पडोसी राज्योंकी महिलाओंको नाचने-गानेके बहाने लाया जाता था । बिहारके अन्य जनपदोंसे भी लडकियोंको लाया जा चुका है । उन्हें यातनाएं देकर, उनसे अनुचित कार्य करवाए जाते थे । पीडिताओंमें नेपालदेशकी लडकियोंका होना बताया जा रहा है । इससे पूर्व भी इसी जनपदसे बांग्लादेशकी एक लडकीको मुक्त करवाया जा चुका है। सीतामढी नगर ‘थाना’ और महिला ‘थाना’ ‘पुलिस’के ‘एसपी’ हरकिशोर रायके निर्देशपर छापामारी की गई । उनके अनुसार, वेश्यावृत्ति करनेसे मना करनेपर, उन्हें तपती हुई छडोंसे पीटा जाता था और उन्हें लम्बे समयतक ‘भूखा’ रखा जाता था । लडकियोंको क्रय-विक्रय किया जाता था । ये दुष्कार्य मोहम्मद महफूजके बेटे बादल और असगर और आरोपी चांदनी खातून मिलकर करते थे । ‘पुलिस’ने कुछ मध्यस्थोंको भी, पूछताछके लिए अभिरक्षामें ले लिया है ।
जिहादी हिन्दू युवतियोंको कार्यके लोभके बहानेसे बुलाकर, उनका जीवन नारकीय बना देते हैं । ऐसे जिहादियोंको उनके मध्यस्थों सहित आजीवन कारावासका दण्ड मिलना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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