दबा हुआ सत्य उजागर होनेसे अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रतावाले कोलाहल कर रहे हैं ! – प्रधानमन्त्री


१६ मार्च, २०२२
      देशमें आपातकालकी इतनी बडी घटना होनेपर भी इसपर अभीतक किसीने भी वास्तविकता दिखानेवाला चलचित्र नहीं बनाया । सत्य दबानेका सतत प्रयास किया गया । प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीने भारतके विभाजनके विषयमें कहा कि जब हम विभाजनके समय हुए नरसंहारका स्मरण रखनेके लिए १४ अगस्त, यह दिन ‘विभाजनकी भीषणता’के रूपमें घोषित किया, तब यह बहुतोंको अनुचित लगा । भारतके विभाजनकी वास्तविकता दिखानेवाला चलचित्र अभीतक क्यों नहीं बना ? कभी-कभी ऐसी वास्तविकतासे सीखनेको मिलता है । देश ऐसी बातोंका कैसे विस्मरण कर सकता है ? ये विचार उन्होंने भाजपाके संसदीय दलकी बैठकमें गत दिनों व्यक्त किए ।
       अभीतक जिस कथित ‘अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता’के नामपर भारतीय संस्कृति विरोधी चलचित्र निर्माता, विष परोसते आए थे, उसी अस्त्रका उपयोगकर ‘द कश्मीर फाइल्स’ नामक चलचित्र बना है तो वे ही ‘अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता’वाले व्यथित हैं । यह बहुत आनन्ददायक स्थिति है और इसीके अनुरूप, ऐसे ही सत्य उजागर करते और भी चलचित्र बनने चाहिए ।  – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution