‘चंगाई सभा’के नामपर आदिवासियोंका धर्मान्तरण करते दो पादरी बनाए गए बन्दी
२९ मार्च, २०२२
छत्तीसगढके जशपुर ‘पुलिस’ने धर्मान्तरणके आरोपमें दो पादरियोंको बन्दी बनाया है । आरोपी हिन्दुओंका ईसाई धर्ममें परिवर्तन करवा रहे थे और इसका परिवाद विश्व हिन्दू परिषदने किया था । समाचारके अनुसार, २७ मार्चका है व जशपुरके ‘डिप्टी एसपी’ मनीष कुमारके अनुसार कुछ लोग आकर यह सूचना दे गए थे कि उनके गांवमें हिन्दू पक्षको बरगलाया जा रहा है । इसीके साथ लिखित परिवाद भी दिया गया था । प्रथम पादरी जिसका नाम क्रिस्टोफर तिर्की है वह बगिया ग्राम पंचायतके भालुटोला क्षेत्रका स्थानीय निवासी है एवं वह दूसरे पादरी ज्योति प्रकाश टोप्पोके घर एक प्रार्थना सभा करवाने गया था । विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ताओंके अनुसार सभामें कंवर जनजातिके २५ परिवारके लगभग ६८ लोग उपस्थित थे । प्रकरणके ‘वीडियो’में भी स्थानीय लोगोंको पादरियोंसे नोकझोंक करते देखा जा सकता है । पादरी ज्योति प्रकाशका कहना था, “हम तो आराधना कर रहे थे, कंवर समुदायके लोग जो इसमें आस्था रखते हैं, वह वहां उपस्थित थे ।” वहीं ‘पुलिस’ने आरोपियोंको न्यायालयमें प्रस्तुतकर न्यायिक ‘रिमांड’पर कारागृह भेज दिया है ।
धर्मान्तरणका षड्यन्त्र सम्पूर्ण भारतमें बृहद स्तरपर चलाया जा रहा है एवं इसके अन्त करनेका मात्र एक ही उपाय है, भारतको शीघ्र हिन्दू राष्ट्र घोषित करना, जिससे अन्य पन्तके अनुयायियोंके कुकृत्योंको नियन्त्रित किया जा सके । यही कालकी मांग है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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