धर्मान्धोंका दुस्साहस, देवालयकी स्वच्छता करनेपर वहां तोडफोड की !


सितम्बर २४, २०१८

मुरादाबादमें भोजपुरके चकबेगमपुर गांवमें जागरणके लिए मन्दिरकी स्वच्छता करनेपर भिन्न-भिन्न समुदायके दो पक्षोंके मध्य रविवार विवाद हो गया । आरोप है कि मन्दिरमें घुसकर तोडफोड की गई । विरोध करनेपर दोनों पक्षोंके मध्य पथराव और गोलीबारी हुई और लगभग २०-२२ लोग पत्थरबाजीमें चोटिल हो गए । पुलिसने ३० सहित ५० के विरुद्ध गम्भीर धाराओंमें विवरण प्रविष्ट कर लिया है । पांचको बन्दी बना लिया है । तनावको देखते हुए गांवमें पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ।

एसएचओ भोजपुर अजयवीर सिंहने बताया कि चकबेगमपुर स्थित चामूण्डा मन्दिरपर कुछ दिवसोंके पश्चात जागरण होना प्रस्तावित है । इस कारण रविवार सुबह कुछ लोग मन्दिरकी स्वच्छता करनेके लिए गए थे । इस मध्य वहांपर कुछ लोग आ गए और स्वच्छता करने से रोक दिया ! वह जागरण कराए जानेके विरोधमें थे । इस मध्य धार्मिक स्थलमें तोडफोडकी गई । विवाद बढा तो दोनों ओर से पथराव और गोलीबारी की गई । धार्मिक भावनाएं आहत करनेके लिए अपशब्द कहे गए । सूचनापर पहुंची पुलिसके सामने भी वहांपर लगभग आधे घंटे तक बवाल होता रहा !

इस दौरान उमेश, आदिल, शाहनवाज, आलम, सद्दीक, पप्पू हुसैन, नफीस, साबिर सहित लगभग २२ लोग चोटिल हो गए । पुलिसने मौके से पांच आरोपी आलम, नफीस, सद्दीक हुसैन, नन्हे और पप्पूको बन्दी बना लिया । अन्य आरोपी भाग गए हैं, जिनमें अय्यूब, नबीजान, इरशाद, नक्शे अली, सोहिल, याकूब, मोहम्मद जान, फिरासत, शमशाद, शाने आलम, अनवर, आजम, मुस्तकीम, नबीजान, मुस्तकीम, अकबर, रहीस, ताहिर, पप्पू, ओमप्रकाश, जबर सिंह, उमेश, मुकेश, संजीव, तथा अमरजीत सम्मिलित हैं । आरोपियोंके विरुद्ध आईपीसीकी धारा १४७, १४८, १४९, १५३ए, २९५, ३०७, ३२३, ५०४, ५०६ व ७ दण्ड विधि अधिनियम २०१३ की ‘धारा-७’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।

“इन धर्मान्धोंका दुस्साहस अब इतना बढ गया है कि ये अब हिन्दुओंको उनके ही देशमें धार्मिक अनुष्ठान नहीं करने देंगें !! हिन्दुओं ! यह तुम्हारी तथाकथित धर्मनिरपेक्षताका ही परिणाम है ! अभी जागरूक नहीं हुए तो इन धर्मान्धोंको तुम्हारे घर तक पहुंचनेमें समय नहीं लगेगा !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution