पाकिस्तानसे सम्बन्धित २ जालस्थलों, २० ‘यूट्यूब चैनलों’को भारत शासनने किया प्रतिबन्धित, कर रहे थे भारत विरोधी दुष्प्रचार


२२ दिसम्बर, २०२१
        भारत शासनने भारत विरोधी दुष्प्रचार फैलाते २ जालस्थलों व २० ‘यूट्यूब चैनेलों’को प्रतिबन्धित कर दिया है । इनका दुरुपयोग कश्मीर समस्या, भारतीय सेना, भारतीय अल्पसङ्ख्यक समुदाय, राम मन्दिर, विपिन रावत आदिसे सम्बन्धित विभाजनकारी समाचारके प्रसार हेतु किया जा रहा था । इनमेंसे कुछ ‘चैनल्स’ ‘पाकिस्तानी’ समाचार वाचकोंद्वारा संचालित किए जा रहे थे ।
        इन ‘चैनेलों’पर किसानोंका विरोध, ‘सीएए’का व ‘एनआरसी’का विरोध, भारतीय अल्पसङ्ख्यकोंको शासन विरुद्ध भडकानेके प्रयास आदिसे सम्बन्धित ‘पोस्ट’ साझा किए जा रहे थे । ५५ कोटिसे अधिक लोग इन्हें देख चुके थे । आशङ्का यह है कि देशके ५ राज्योंमें जो चुनाव होने हैं, वहां लोगोंको भडकानेका प्रयास इनकेद्वारा किया जा रहा था; अतः सुरक्षाकी दृष्टिसे सूचना प्रौद्योगिकी नियम २०२१ के नियम १६ के अन्तर्गत इन्हें प्रतिबन्धित किया गया है । ये ‘चैनल’ थे; ‘द पंच लाइन’, द नेकेड  ट्रूथ’, ४८ ‘न्यूज’, ‘कवर स्टोरी’  । ‘न्यूज 24’ व पंजाब ‘वायरल’पर ‘खालिस्तान’ व कश्मीर सम्बन्धित भडकाऊ सामग्री प्रकाशित हो रही थी । पाकिस्तानसे सम्बन्धित ‘यूट्यूब’के प्रतिबन्धित ‘चैनल्स’ थे; जुनैल हलीम ‘ऑफिशियल’, तैयब हनीफ, जैन अली ‘ऑफिशियल’, मोहसिन राजपूत ‘ऑफिशियल’, कनीज फातिमा, सदफ दुर्रानी, मियां इमरान अहमद और नजम उल बाजवा । इसमें नजम उल बाजवाको तो ११ कोटिसे अधिक दर्शक देख चुके ।
      यह कार्यवाही प्रशंसनीय है; किन्तु अधूरी है । भारतमें जो मीडिया संस्थान भी ऐसा कर रहे हैं, उनपर भी प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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