महाकालेश्वरकी भस्म आरतीमें असत्य ‘आधार कार्ड’ दिखाकर घुसा मोहम्मद यूनुस मुल्ला, हिन्दू युवती भी थी संग, बन्दी बनाया गया
१६ दिसम्बर, २०२१
बुधवार, १५ दिसम्बर २०२१ की प्रातः प्रचलित भस्म आरतीमें सम्मिलित होने आए ‘मुल्ला’ यूनुसने अभिषेक दुबे नाम लिखवाकर आरतीमें सम्मिलित होनेका प्रयास किया था । यह नाम उसकी महिला मित्रके भाईका था, जो उसके संग थी । दोनों मन्दिरके निकट जिस विश्रामालयमें रुके थे, वहां दोनोंमें असत्य ‘आधार कार्ड’ दिखाया था । प्रातः आरतीमें सम्मिलित होनेके लिए जानेपर ‘होटल’के कर्मचारियोंको शङ्का हुई, तो उन्होंने ‘पुलिस’को सूचित किया ।
दोनों विशेष अतिथि द्वार क्रमाङ्क ६ से प्रवेश करके विशेष अतिथिके आरक्षित स्थानपर बैठ गए । मन्दिर प्रबन्धनसे सूचना मिलनेपर उन्हें बन्दी बनाया गया । इस कार्यमें महिला मित्रका सहयोग था । अखाडा परिषदके पूर्व महामन्त्री अवधेशपुरी महाराजने इसे गम्भीर घटना बताते हुए, कठोर कार्यवाहीकी मांग की है ।
स्वतन्त्रता पश्चात भारतकी धार्मिक नीतियोंके चलते हिन्दू परिवार धर्मसे परावृत्त होते जा रहे हैं; इसीलिए हिन्दू युवतियां ‘लव-जिहाद’में फंसकर अनुचित कार्य करनेको प्रवृत्त हो रही हैं । जिसे हमारे ईश्वरपर श्रद्धा न हो, उसे प्रातःकी भस्म आरतीमें जानेकी क्या आवश्यकता ? आज सभी सनातनी हिन्दुओंको धर्मसे जोडनेकी नितान्त आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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