नवाब मलिककी ४ सम्पत्तियोंका दाऊदसे सम्बन्धित, २० लाखमें ३ एकड भूमि, पैसे मुंबई ‘बम’ विस्फोटके आतङ्कियों को भी मिले, फडणवीसने दिखाए प्रमाण (सबूत)


९ नवम्बर, २०२१
      महाराष्ट्रके पूर्व मुख्यमन्त्री देवेंद्र फडणवीसने मुंबईमें पत्रकार सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) करके उद्धव ठाकरे शासनके मन्त्री नवाब मलिकके आतङ्की दाऊद इब्राहिमसे सम्बन्ध होनेके आरोप लगाए हैं । उन्होंने ‘सॉलिडस‘ नामकी एक ‘कम्पनी’का उल्लेख करते हुए कहा कि नवाब मलिक पूर्वमें इसके सदस्य थे और अब उन्होंने त्यागपत्र दे दिया है । उन्होंने प्रतिवाद (दावा) किया कि ‘एनसीपी’ नेता नवाब मलिकका परिवार अब भी इस ‘कम्पनी’से जुडा हुआ है । उन्होंने कहा कि वे दीपावलीके पश्चात ही कुछ ‘खुलासे’ करनेवाले थे; किन्तु अभिलेख (दस्तावेज) प्रस्तुत करनेमें विलम्ब हो गया था ।
     देवेंद्र फडनवीसने ‘खुलासा’ किया, “सॉलिडस कम्पनीने २००७ में २०५३ रुपए प्रति वर्ग फुटमें भूमि क्रय की थी । तीन एकड भूमि ‘अंडरवर्ल्ड’के लोगोंसे केवल ३० लाख रुपएमें क्रय की गई थी, जिसमेंसे २० लाख रुपए दिए गए ।  भूमिको अल्प मूल्यपर दिखानेके लिए, अत्यधिक घोटाले हुए । क्रय-विक्रय २००३ में आरम्भ हुआ और २००५ में समाप्त हुआ । तब नवाब मलिक मन्त्री थे ।” ‘भाजपा’ नेताकी मानें तो यह एकमात्र उदाहरण नहीं है और ऐसी ५ सम्पत्तियां हैं । उन्होंने बडा आरोप लगाया कि ‘अंडरवर्ल्ड’ इनमेंसे ४ सम्पत्तियोंके क्रय-विक्रयमें प्रत्यक्ष रूपसे सम्मिलित है ।
     उन्होंने कहा यह राष्ट्रीय सुरक्षासे जुडा एक गम्भीर प्रकरण है । उन्होंने १९९३ के मुंबई ‘बम’ विस्फोटकोंका उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटनामें सरदार शाह वली खान दोषी था और उसे आजीवन कारावासका दण्ड दिया गया है । अभी वह कारावासमें है । फडनवीसने बताया कि ये व्यक्ति आतङ्की टाइगर मेननको अस्त्र-शस्त्रका प्रशिक्षण देनेमें सम्मिलित था । उसने ‘स्टॉक एक्सचेंज’ और ‘बीएमसी’में ‘बम’ कहां रखना है ? इसकी ‘रेकी’ की थी । सर्वोच्च न्यायालयने उसके आजीवन कारावासके दण्डकी पुष्टि की है ।
      आजके राजनेता दूसरोंपर आरोप-प्रत्यारोपकी राजनीति करते है; परन्तु उनका स्वयंका जीवन अपराधोंसे अछूता नहीं है । ऐसे निधर्मी राजनेता शासनमें रहने योग्य नहीं है; अतः आगमी हिन्दू राष्ट्रमें धर्मनिष्ठ राजनेताका ही चयन किया जाएगा ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution