समान नागरिक विधान उचित संस्तुतिके (सिफारिशके) लिए २२ वें विधि आयोगके पास भेजा है, केन्द्रीय कानून मन्त्री किरेन रिजिजू


५ फरवरी, २०२२
       केन्द्र शासनने समान नागरिकता विधानके विषयमें योग्य संस्तुतिके लिए २२ वें विधि आयोगके पास भेजा है, ऐसी जानकारी केन्द्रीय कानून मन्त्री किरेन रिजिजूने लोकसभामें ‘भाजपा’के सांसद निशिकांत दुबेके पूछे प्रश्नका उत्तर दिया । २२ वें विधि आयोगका कार्यकाल समाप्त हुए ३ वर्ष पूरे हो गए हैं । गत ३ वर्षोंसे इस आयोगको नूतन अध्यक्ष नहीं मिला है । इस कारण शासनने आयोगके पास समान नागरिकता विधान भेजा है, तो भी इसपर अध्ययन कब होगा ? यह प्रश्न आता है ।
       जिस प्रकार एक सांसदने समान नागरिक संहिताके लिए विधान बनाने हेतु प्रयास किया है, यह प्रयास शासनको करना चाहिए । वर्तमानमें भारतीय जनता पार्टी नीत शासन केन्द्रमें है और ‘अयोध्यामें राममन्दिर’,   ‘कश्मीरसे धारा ३७० की समाप्ति’ और ‘समान नागरिक संहिता’, उसके प्रमुख उद्देश्य रहे हैं । जैसे दो उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए, वैसे ही समान नागरिक संहितापर भी शीघ्र कार्य किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution