प्रयागराजमें बच्चोंको आगे कर ‘पत्थरबाजी’, ५ सहस्रपर प्राथमिकी, ६८ बन्दी : ‘मास्टरमाइंड’ जावेदकी ‘जेएनयू’वाली बेटी भी ‘रडार’पर
उत्तर प्रदेशके प्रयागराजमें शुक्रवारको (१० जून २०२२ को) ‘जुमे’की ‘नमाज’के पश्चात हुई हिंसाके प्रकरणमें ‘पुलिस’ने कार्यवाही तीव्र कर दी है । प्रयागराजके ‘एसएसपी’ अजय कुमारने घटनाकी जानकारी देते हुए बताया कि जावेद अहमद नामका एक ‘मास्टरमाइंड’ बन्दी बनाया गया है । इसके अतिरिक्त अन्य और ‘मास्टरमाइंड’ हो सकते हैं, उनके बारेमें पूछताछकी जा रही है ।
उन्होंने बताया कि कलकी घटनामें कुछ लोगोंने अवयस्क बच्चोंको आगेकर पुलिस-प्रशासनपर ‘पथराव’ किया । ‘एसएसपी’ने बताया कि घटनामें २९ कठोर धाराओंके अन्तर्गत अभियोग प्रविष्टकर ‘गैंगस्टर एक्ट’ और ‘एनएसए’के अन्तर्गत कार्यवाही होगी । ७० ‘नामजद’ और ५ सहस्र अज्ञातके विरुद्ध घटना प्रविष्ट की गई है ।
सूचनाके अनुसार, घटनामें जावेद अहमदकी बेटीके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी । ‘एसएसपी’ अजय कुमारने बताया, “जावेदकी बेटी भी इस प्रकारकी गतिविधियोंमें सम्मिलित है । वह देहलीमें छात्रा है । आवश्यकता पडी तो हम देहली ‘पुलिस’से सम्पर्ककर अपने समूह भेजेंगे ।” विवरणके अनुसार, जावेद अहमदकी बेटीका नाम सारा अहमद है । वह ‘जेएनयू’में पढती है ।
‘नमाज’के पश्चात हाथमें ‘पत्थर’, यह इस्लामका वास्तविक रूप है । ‘पत्थर’ मारने और हिंसा करनेसे केवल युद्धकी परिस्थिति निर्मित होती है और भारत संविधानके मार्गपर चलनेवाला देश है, जिसका उदाहरण है : राम मन्दिरका निर्माण ! अतः योगी शासन कठोरताके साथ ऐसे षड्यन्तकरियोंसे निपटेगी; ऐसी जनताकी अपेक्षा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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