४ बच्चोंका पिता अब्दुल ‘मदरसे’में पढाता था उर्दू, ‘ट्यूशन’ पढने आई ६ वर्षकी बच्चीसे किया यौनाचर
१८ नवम्बर, २०२१
राजस्थानके कोटासे ६ वर्षीय निरीह अवयस्क बच्चीके साथ यौनाचरका प्रकरण सामने आया है । दीगोद ‘थाना’ क्षेत्रमें रहनेवाले ४३ वर्षीय उर्दू अध्यापक अब्दुल रहीमको ‘पुलिस’ने दुष्कर्मके आरोपमें बन्दी बना लिया है । प्रतिवेदनके अनुसार, अब्दुल रहीम मूलरूपसे रामपुरा कोटाका रहनेवाला है । वह गत ४ माहसे गांवके ‘मदरसे’में बच्चोंको उर्दूकी शिक्षा दे रहा था ।
दीगोद थानाध्यक्ष रमेशने बताया कि पीडिताके परिजनने १३ नवम्बरको परिवाद प्रविष्ट कराया था । परिवादके आधारपर हमने १४ नवम्बरको अब्दुल रहीमको बन्दी बना लिया । उन्होंने बताया कि परिजनने अपने परिवादमें आरोप लगाया है कि उर्दू पढने गई ६ वर्षीयकी बच्चीके साथ उसने दुष्कर्म किया । बच्चीने घर आकर रोते हुए परिजनको सारी बात बताई । इसके बाद उन्होंने ‘थाने’में परिवाद प्रविष्ट कराया ।
प्रतिवेदनके अनुसार, बच्ची १३ नवम्बर प्रातःकाल आरोपितके पास पढनेके लिए गई थी । उस समय वहांपर वह अकेली थी । अवसर पाकर अब्दुलने उसे रोक लिया और कक्षमें ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया । बता दें कि अब्दुल रहीम पूर्वसे ही विवाहित है और उसके ४ बच्चे हैं, जिसमें १ बेटी व ३ बेटे हैं । ‘मदरसे’में आरोपित एकाकी रहता था । ‘पुलिस’ने सोमवार १५ नवम्बर २०२१ को अब्दुलको न्यायालयमें प्रस्तुत किया ।
जिहादी समाज और महिलाओंके लिए सङ्कट बन चुके हैं । ‘मदरसे’ और ‘मौलानाओं’द्वारा अवयस्कोंके यौन शोषणके समाचार निरन्तर और प्रतिदिनके समाचार बन गए हैं । जो जिहादी अपने सम्प्रदायकी महिलाओं और यहांतक कि अवयस्क युवतियोंपर कुदृष्टि डालते हैं और यौन-शोषण करते हैं, उनसे अन्य धर्मकी महिलाएं कैसे सुरक्षित रह सकती हैं ? हिन्दुओ, अपनी साधनाका बल बढाकर हिन्दू राष्ट्रके लिए प्रयासरत रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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