‘मस्जिद’में पढने जाती थी ८ वर्षकी अबोध बच्ची, ५२ वर्षके इमामने किया दुष्कर्म, पीडिताने बताया, “अल्लाह और कुरानकी सौगन्ध देकर चुप कराया”
२७ जनवरी, २०२२
उत्तर प्रदेशके मैनपुरी जनपदमें ‘मस्जिद’के एक इमामपर ८ वर्षकी बच्चीसे दुष्कर्मका आरोप लगा है । आरोपित इमामका नाम जमाल अहमद है । ‘पुलिस’ने आरोपितको बन्दी बना लिया है । युवतीको चिकित्सीय परीक्षणके लिए भेजा गया है । घटना बुधवार २६ जनवरीकी है ।
समाचार संस्थानोंके प्रतिवेदनके अनुसार आरोपित इमामकी आयु लगभग ५२ वर्ष है । वही किसनी गांवकी ‘मस्जिद’में लगभग १० वर्षोंसे इमाम है । वह गांवके बच्चोंको ‘मुसलमानी’ शिक्षा दिया करता था । पीडिता बच्ची भी अपनी बहिनके साथ उसी ‘मस्जिद’में पढने जाती थी । घटनाके दिन वह देरसे पहुंची तो उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं लगा । घरवालोंने उसका कारण पूछा तो वह रोने लगी । पीडिताके गुप्तांगसे रक्त निकल रहा था ।
परिजनके अनुसार बच्चीने उन्हें बताया कि जमान अहमदने अन्य सारे बच्चोंको अवकाश देकर पीडिताको पढाईके नामपर रोक लिया । उसकी छोटी बहिनको भी मूंगफली देकर बाहर भेज दिया । इसके पश्चात उससे दुष्कर्म किया और दुष्कर्मके पश्चात जब रक्त बहने लगा तो वह रोने लगी तो आरोपितने उसे ‘अल्लाह’ और ‘कुरान’की सौगन्ध देकर चुप कराया । उससे कहा कि यह बात किसीको नहीं बताना है और प्रतिदिनकी भांति पढने आना है ।
उसका उपचार जनपदीय चिकित्सालयमें चल रहा है । आरोपित उत्तर प्रदेशके ही बाराबंकी जनपदके थाना रामनगरके गांव सुडिया मऊका निवासी है ।
हिन्दुओंको यह विचार करना चाहिए कि जिस पन्थके शिक्षक, अपने पन्थकी अबोध बालिकासे भी दुष्कर्म कर सकते हैं, उस पन्थके अन्य लोग हिन्दू महिलाओंके साथ अवसर मिलनेपर क्या-क्या नहीं कर सकते हैं ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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