‘विहिप’ बंगालमें ‘लव जिहाद’के विरुद्घ अभियान चलाएगी, टीएमसी बौखलाई


सितम्बर ४, २०१८

‘विश्व हिन्दू परिषद’ने मंगलवारको कहा कि वह ‘लव जिहाद’की कुरीतियोंके विरुद्ध पश्चिम बंगालके विद्यालय और महाविद्यालयमें इस माह एक अभियान आरम्भ किया जाएगा । वहीं, राज्यमें सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेसने इस पगकी कडी आलोचना करते हुए कहा है कि वह संघकी इच्छाको कभी सफल नहीं होने देंगे । ‘विहिप’के प्रसार माध्यम संयोजक सौरीश मुखर्जीने कहा कि ‘विहिप’ अपनी युवा शाखा, बजरंग दल और महिला शाखा, दुर्गा वाहिनीके साथ लव जिहादके विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा तथा युवाओंसे सम्पर्क साधनेके लिए सामाजिक प्रसार माध्यमका प्रयोग करेगा ।

मुखर्जीने कहा, “हम इस माहके मध्य से राज्यमें ‘लव जिहाद’की कुरीतियोंके विरुद्ध एक राज्यव्यापी अभियान आरम्भ करेंगे । यह अभियान युवाओंको इस बारेमें जागरूक करेगा कि किस प्रकार ‘लव जिहाद’का दुरुपयोग हमारी हिन्दू बहनोंको लक्ष्य बनानेके लिए किया जा रहा है । हम विभिन्न विद्यालय और महाविद्यालयमें जाएंगे तथा पर्चे बांटेंगे ।”

‘विहिप’के वरिष्ठ नेताने कहा कि यह संगठन प्रेमके विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह हिन्दू लडकियोंको धर्मान्तरणके लिए इसे एक प्रलोभनके रूपमें प्रयोग किए जानेके विचारके विरुद्ध है । उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य इस बारेमें हिन्दू लडकियों और उनके माता पिताके मध्य जागरूकता पैदा करना है ।” इसपर प्रदेश भाजपा नेतृत्वने टिप्पणी करने से मना कर दिया ।

वहीं, सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी माकपा तथा कांग्रेसने राज्यमें कथित रूपसे अशान्ति पैदा करने और इस पगकेद्वारा राज्यके लोगोंको धर्मके आधारपर विभाजित करनेका प्रयास करनेको लेकर ‘विहिप’की कडी आलोचना की ।
     
तृणमूल कांग्रेसके वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीमने कहा कि विहिप, भाजपा और आरएसएस गत कुछ वर्षों से धर्मके आधारपर राज्यके लोगोंको विभाजित करनेका प्रयास कर रहे हैं; लेकिन जबतक यहां तृणमूल कांग्रेस है, संघके अपवित्र आशाओंको सफल नहीं होने दिया जाएगा ।


प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अधीर चौधरीने कहा कि यह एक सतर्क करने वाला घटनाक्रम है और राज्य शासनको इस प्रकारके तत्वोंका सामना करनेके लिए पग उठाना चाहिए । ‘माकपा’के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्तीने कहा कि संघ और विहिप जैसे संगठन बंगालमें अपनी पकड बना रहे हैं; क्योंकि तृणमूल कांग्रेस उन पर पूर्ण रूप से चुप है और उनसे निपटने में नरम रवैया अपना रही है । राज्यको इस प्रकारके संगठनोंको रोकनेके लिए पग उठाने चाहिए ।

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution