विरुद्ध आहार लेना स्वास्थ्यके लिए हानिकारक हो सकता है, इसे लेना टालें ! (भाग – १)


आजकल अनेक लोग जब भिन्न प्रकारके व्यंजन बनाते हैं तो उसे बनाते समय कुछ बडी चूकें करते हैं, जैसे मैंने देखा है कि कुछ लोग तरकारी या पनीरके भिन्न प्रकारके व्यंजन बनाते समय उसमें दूध डालते हैं, दूध और नमक, यह आयुर्वेद अनुसार विरुद्ध आहार है, इसे एक साथ कभी नहीं बनाना या ग्रहण करना चाहिए, इससे चर्म रोग होनेकी संभावनाएं होती हैं ! पनीरमें नमक डाल सकते हैं; क्योंकि पनीर दूधको फाडकर (उसके मूल स्वरूपको बिगाडकर) बनता है; अतः वह तमोगुणी होता है; इसलिए उसमें नमक डाल सकते हैं ! पनीर तमोगुणी होनेके कारण पहले सम्पूर्ण भारतमें इसका प्रचलन नहीं था; किन्तु आजकल तमोगुणी बातें ही प्रचलनमें हैं; इसलिए अब इसका व्यंजन परोसना प्रतिष्ठासे जोडकर देखा जाने लगा है !

कुछ विरुद्ध आहारकी सूची इसप्रकार है –

* दूध और कटहलका कभी भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए ।

* दूध और कुलत्थी भी कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए ।

* दूध और सभी प्रकारकी खटाइयां, दूध और मूंगफली, दूध और मछली  एक साथ प्रयोग न करें ।

* शहद और घी समान परिणाममें मिलाकर लेना विषके समान है ।



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