तदेव लग्नं सुदिनं तदेव ताराबलं चंद्रबलं तदेव ।
विद्याबलं दैवबलं तदेव लक्ष्मीपते तेंघ्रियुगं स्मरामि।।
अर्थ : वह लग्न (मुहूर्त ) शुभ होता है , वह दिन मंगलकारी होता है, उसी लग्नमें तारे, चन्द्र, विद्या और देवताका बल होता है जिस समय हम लक्ष्मीपति श्रीविष्णुका स्मरण करते हैं ।
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