ॐ विष्णुं जिष्णुं महाविष्णुं प्रभविष्णुं महेश्वरम् ।
अनेकरूपं दैत्यान्तं नमामि पुरुषोत्तमम् ।।
अर्थ : उन विष्णुको हम वंदन करते हैं जो अजेय हैं , महाविष्णु हैं , महेश्वर है , सभीके स्वामी हैं , जो असुरोंके संहारकर्ता हैं , जिनके अनेक स्वरूप हैं और जो पुरुषोत्तम हैं !
Leave a Reply