राष्ट्रविरोधी गतिविधियोंका महिमामण्डन, समाचारके नामपर भडकाऊ सामग्री, ‘द कश्मीर वाला’का सम्पादक फहद शाह बनाया गया बन्दी


५ फरवरी, २०२२
         जम्मू-कश्मीरकी राजधानी श्रीनगरमें समाचार ‘पोर्टल’ ‘द कश्मीर वाला’के सम्पादक फहद शाहको ४ फरवरीको बन्दी बना लिया गया । फहद शाहपर राष्ट्र विरोधी गतिविधियोंका महिमामण्डन करने और ‘फेसबुक’पर भडकाऊ सामग्री साझा करनेके आरोप हैं । पुलवामा जनपद ‘पुलिस’ने बताया, “इस पत्रकारने विधान-व्यवस्था विकृत करनेके लिए और जनताको उकसानेके लिए आपराधिक उद्देश्यसे यह कृत्य किया ।” ‘पुलिस’ने आगे कहा, “कुछ ‘फेसबुक’ उपयोगकर्ता और ‘पोर्टल’ जनतामें भयका वातावरण उत्पन्न करनेके लिए आपराधिक उद्देश्यसे चित्र, चित्रपट और ‘पोस्ट’ सहित राष्ट्र विरोधी सामग्री अन्तर्जालपर डाल रहे हैं । इस प्रकारकी सामग्री विधान व्यवस्था विकृत करनेके लिए जनताको उकसा सकती है ।”
         इस घटनापर ‘पीडीपी’दलकी प्रमुख महबूबा मुफ्तीने ‘पुलिस’के इस कार्यवाहीकी निन्दा करते हुए कहा, “सत्यके साथ खडा होना अब राष्ट्र विरोधी हो गया है । शासनको दर्पण दिखाना भी राष्ट्र विरोधी कृत्य है ।” इस ‘पोर्टल’ने ५ अगस्त २०१९ को मोदी शासनद्वारा जम्मू-कश्मीरसे अनुच्छेद-३७० निरस्त करनेके निर्णयका भी विरोध किया था ।
      महबूब मुफ्तीको एक पत्रकारद्वारा अन्तर्जालपर भडकाऊ सामग्री डालना और समाजमें भय निर्माण करना सत्यके साथ खडा होना दिखाई देता है; परन्तु सेनापर पत्थर बरसानेवाले राष्ट्र विरोधी आतङ्कवादी निर्दोष लगते है । धर्मान्ध चाहे पत्रकार हो अथवा बुद्धिवादी, इनसे सदैव समाजको सङ्कट ही रहा है । ‘पुलिस’ सतर्क होकर अन्तर्जालपर राष्ट्र विरोधी गतिविधियां करनेवाले अन्य धर्मान्धोंपर भी शीघ्र कार्यवाही करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution