गुजरातके ‘बेट द्वारका’के दो द्वीपोंपर ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड’ने (समितिने) किया प्रतिवाद, उच्च न्यायालयने कहा, “कृष्णनगरीमें ‘वक्फ’का कैसा अधिकार ?


२६ दिसम्बर, २०२१
         भगवान श्रीकृष्णकी नगरी द्वारकाको देवभूमि कहा जाता है । यहींपर स्थित है बेट द्वारका । अब इस बेट द्वारकाके दो द्वीपोंपर अपना प्रतिवाद करते हुए ‘वक्फ बोर्ड’ने गुजरात उच्चन्यायालयमें एक अनुरोध प्रविष्ट किया है । इस विनियोगपर न्यायालयकी न्यायाधीश संगीता विशेन भी क्रोधित हो गई । ‘वक्फ’ समितिने न्यायालयमें दिए अपने विनियोगमें प्रतिवाद किया है कि बेट द्वारका द्वीपपर दो द्वीपोंका स्वामित्व ‘वक्फ’ समितिके पास है। ‘वक्फ’ समितिके इस विवेकहीन प्रतिवादको सुनते ही गुजरात उच्च न्यायालयने इसपर अपनी असहमति व्यक्त की । न्यायालयने कहा, “क्या आप जानते हैं कि आप क्या कह रहे हैं ? ‘वक्फ’ समिति कृष्णनगरीमें भूमिके स्वामित्वका प्रतिवाद कैसे कर सकती है ?” न्यायालयने ‘वक्फ’ समितिके इस विनियोगको अस्वीकार कर दिया ।
         इसके उपरान्त उच्च न्यायालयने ‘वक्फ’ समितिको अपने विनियोगको पुनः पठन करने और अवकाश न्यायालयमें एक और संशोधित विनियोग देने हेतु कहा । बेट द्वारका उस समय भगवान श्रीकृष्णका निवास स्थान था, जब वो गुजरातमें शासन करते थे । यह हिन्दुओंके पवित्र तीर्थस्थलोंमें से एक है ।
     कुछ शतक पूर्व अस्तित्वमें आए पन्थकी ‘वक्फ’समिति हिन्दुओंके सहस्रों वर्षोंके प्राचीन तीर्थस्थलोंपर अपना स्वामित्व जतानेका दुःसाहस करती है । क्या हिन्दू इस पर विचार करेंगें ? क्या ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’के उपरान्त अब यह इनका हिन्दू तीर्थस्थल ‘जिहाद’ तो नहीं ? न्यायालय इनका प्रतिवाद केवल अस्वीकार ही न करें; अपितु ‘वक्फ’ समितिपर कार्यवाही भी करें, यही हिन्दुओंको अपेक्षित है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution