वसीम रिजवीने स्वेच्छासे घर ‘वापसी’कर सनातन धर्म अपनाया
०६ दिसम्बर, २०२१
अपने वक्तव्योंके कारण कट्टरपन्थियोंके लक्ष्यपर (निशानेपर) रहनेवाले ‘शिया वक्फ बोर्ड’के पूर्व प्रमुख वसीम रिजवीने ‘इस्लाम’ पन्थको त्यागकर हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है । उन्होंने गाजियाबादके डासना देवी मन्दिरमें महन्त यति नरसिंहानंद गिरिकी उपस्थितिमें घर ‘वापसी’ की । इस मध्य कई अनुष्ठान हुए । अब उनका नाम जितेंद्र नारायण स्वामी होगा।
हिन्दू धर्म अपनानेके पश्चात रिजवीने कहा कि ‘मुगलों’ने सदैवसे हिन्दुओंको पराजित करनेकी कुनीति अपनाई । जो दल हिन्दुओंको पराजित करता है, मुसलमान एकजुट होकर उसे मत देते हैं । मुसलमान केवल हिन्दुओंको पराजित करनेके लिए मत देता है । उन्होंने कहा, “मुझे इस्लामसे बाहर कर दिया गया है, मेरे मस्तकपर प्रत्येक शुक्रवारको पुरस्कार बढा दिया जाता है, आज मैं सनातन धर्म अपना रहा हूंं ।”
छल, बल, भय, लोभ, मोह, आक्रोश व अज्ञानतावश धर्मान्तरित हुए हिन्दुओं व उनकी पीढीओंको स्वयंके वास्तविक अस्तित्वका बोधकर विध्वंसकारी वृति व मार्गको त्यागकर सनातन धर्ममें लौटनेके लिए प्रयासरत रहना चाहिए, सनातन धर्मका द्वार प्रत्येक जीवके लिए सदैवसे ही खुला है, आवश्यकता है तो मात्र अन्तरात्मा, विशुद्ध अन्तःकारण व विवेकसे निर्णय लेनेकी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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