‘सम्पूर्ण राष्ट्रमें करेंगे हरिद्वार समान धर्म संसद, ‘जिहादियों’के समक्ष घुटने नहीं टेकेंगे’, जितेंद्र नारायण त्यागीका उद्घोष 


०२ जनवरी, २०२१
         उत्तराखंडके हरिद्वारमें हुई धर्म संसदपर विपक्षी दल निरन्तर भारतीय जनता पार्टी और हिन्दुओंको अपमानित करनेका प्रयास कर रहे हैं । इसपर जितेंद्र नारायण त्यागीने (पूर्वमें वसीम रिजवी) एक चित्रपटके माध्यमसे कहा, “हरिद्वारमें धर्म संसद क्या हुई, मुसलमान राष्ट्रोंमें व्याकुलता उत्पन्न हो गई है । नसीरुद्दीन शाह राष्ट्रके २० कोटि (करोड) मुसलमानोंको ‘जिहाद’के लिए प्रेरित रहे हैं और असदुद्दीन ओवैसी राष्ट्रमें अशान्ति लाना चाहते हैं । हरिद्वार धर्म संसदको लेकर पाकिस्तान व्याकुल हो गया है; परन्तु इसका प्रभाव उत्तराखंडके ‘पुलिस’ महानिदेशकपर भी हो रहा है । प्रतिदिन किसी न किसी साधु-सन्तको धर्म संसदके नामपर अपमानित किया जा रहा है ।”
         उत्तराखंड ‘पुलिस’द्वारा धर्म संसदमें सम्मिलित सन्तोंके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किए जानेके सम्बन्धमें जितेंद्र नारायण त्यागीने ‘पुलिस’ महानिदेशककी विवेचना करते हुए कहा, “धर्म संसदका विरोध करनेवाले इन धर्मनिरपेक्ष लोगोंकी वाणी उस समय क्यों बन्द हो गई थीं, जब कश्मीरमें हिन्दू होनेके कारण वहांके मुसलमान, हिन्दुओंको निर्वासित कर रहे थे और उनकी स्त्रियोंके साथ दुष्कर्म कर रहे थे ? धर्म संसदमें हमने आत्मरक्षाकी बात की है । किसीकी हत्याकी बात नहीं की है ।” उत्तराखंड शासनद्वारा इस घटनाके सम्बन्धमें जितेंद्र नारायण त्यागी, यति नरसिंहानंद सरस्वती सहित पांच लोगोंके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।
       अधिकारी तन्त्रमें बैठे इन धर्मनिरपेक्ष अधिकारियोंकी दृष्टि ‘मदरसों’ तथा ‘मस्जिदों’में होनेवाली राष्ट्रविरोधी घटनाओंपर क्यों नहीं पडती ? इसके विपरीत हिन्दुओंद्वारा अपनी आत्मरक्षा हेतु चर्चा करने मात्रमें भी इन्हें व्याकुलता होने लगती है । इस कथित धर्म निरपेक्षताके रोगको समाप्त करनेके लिए हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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