फरवरी २७, २०१९
पुलवामा आतंकी आक्रमणके पश्चात सुरक्षा विभागकी दृष्टि एक बार पुनः उत्तर प्रदेशके पश्चिमी भागपर टिक गई है । पश्चिमी उत्तर प्रदेशके वे जनपद, जहां तीव्रतासे हिन्दू जनसंख्या न्यून हुई है, इस्लामिक आतंकियोंके आश्रयस्थलके रूपमें सामने आए हैं !
कुछ दिवस पूर्व ही सहारनपुरके देवबंदसे शाहनवाज अहमद तेली और आकिब मलिक नामक ‘जैश-ए-मोहम्मद’से जुडे दो आतंकी पकडे गए हैंं । गुप्तचर विभागोंको ज्ञात हुआ है कि अभीतक इन आतंकियोंका उद्देश्य पश्चिमी उत्तरप्रदेशको अपनी शरणस्थलीके रूपमें प्रयोग करते थे; परन्तु इसबार ये युवाओंको भ्रमितकर देशमें वृहद स्तरपर विस्फोट करानेके साथ इन्हें अपने संगठनोंमें सम्मिलित करना चाहते थे । यही कारण है कि विभाग अब यह जानकारी एकत्र कर रहा है कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर और मेरठमें जैशकी सक्रियताके पश्चात कितने लोगोंको यह अपने साथ जोड पाए हैं ?
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी उत्तरप्रदेश आतंकियोंके लिए सरल लक्ष्य रहा है । अभियान ‘आतंकी नेटवर्क नेस्तानाबूद’से जुडे सूत्रोंका कहना है कि मेरठ और हापुडमें में एक-एक, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, मुजफरनगर और अमरोहा जनपदमें शाहनवाज और साकिबका गहरा सम्पर्क रहा । ये दोनों यहांके युवाओंसे कहते थे कि इस्लाम संकटमें है, उसे बचानेके लिए आतंकी बनानेका षड्यन्त्र कर रहे थे । सूत्रोंका कहना है कि ये दोनों धार्मिक शिक्षा प्राप्त करनेवाले युवाओंको अपना लक्ष्य बनाते रहे हैं ।
यह भी ज्ञात हुआ है कि ये निजी छात्रावासमें आतंकी प्रशिक्षणसे जुडे विडियो और ध्वनिमुद्रणके साथ पाकिस्तानमें बैठे कई आतंकियोंके धार्मिक सन्देश सुनाकर भी उन्हें अपनी ओर आकर्षित करते थे और साथ ही युवाओंसे कहते थे कि इस्लामके लिए बलिदान देनेवालेके परिवारका हमारे स्वामी (जैशके पदाधिकारी) ध्यान रखते हैं । अभी जांच विभागके सामने सबसे बडी चुनौती यह ज्ञात करना है कि इन्होंने कितने युवाओंको जैशसे जोडा हैं । वैसे सूत्रोंके अनुसार पश्चिमी उत्तरप्रदेशके ६ जनपदोंके १२ उपमण्डलोंमें लगभग ५० युवाओंको लक्ष्य करनेकी जानकारी जांच विभागको मिल रही है ।
“विचित्र बात है कि देशके भीतर ऐसी भयावह गतिविधियां होती है और किसीको समाचारतक नहीं है ! यह तो तभी हो सकता है, जब समूचा क्षेत्र एक पाकिस्तान समान हो, उस क्षेत्रके नेता राष्ट्रद्रोही हों और सभी मिलकर भारत विरोधी षडयन्त्र कर रहे हों ! हिन्दुस्तानमें गत वर्षोंमें ऐसे कई लघु पाकिस्तान उजागर हुए हैं, जो मौलवियों, मस्जिदोंके आश्रयपर चल रहे हैं, उन्हें आतंकके लिए धन उपलब्ध करवाया जाता है । पाकिस्तानसे लडनेको हम सज्ज हैं; परन्तु राष्ट्रके भीतर जो हमने इस्लामिक विष प्रसारित होने दिया है, इन पाकिस्तान प्रेमियोंसे कैसे लडेंगें ? और तो और राष्ट्रद्रोही राजनीतिक दल भी इनके समर्थनमें होते हैं ! इससे बोध होता है कि स्थिति अत्यन्त विकट है और इसका समाधान शीघ्रातिशीघ्र ढूंढना होगा ! कहीं ऐसा न हो कि बाहरी पाकिस्तानसे अधिक हानि हमें भीतरी पाकिस्तानी पहुंचाएं; क्योंकि धर्मनिरपेक्षता और भाईचारेके आश्रयमें इनका अभिज्ञान करना अत्यन्त कठिन है ! प्रायः देखा जाता है कि पाकप्रेमी राष्ट्रविरुद्ध वक्तव्य देते हैं और बादमें संविधान, शरीयत व धर्मनिरपेक्षताका आश्रय स्वयंको राष्ट्रभक्त सिद्ध करनेका प्रयास करते हैं ! हिदुओ ! अब इस मतिभ्रमसे बाहर आकर विवेकका प्रयोगकर वास्तविकताका बोध करनेका समय है, अन्यथा कहीं आपको भी अपना निवास छोडकर एक दिवस कहीं और न जाना पडे और यह काल्पनिक नहीं है, यह आज देशमें कई राज्योंमें हो रहा है ! “- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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