विश्व स्वास्थ्य संगठनके मानचित्रमें (नक्शेमें) जम्मू-कश्मीरको दिखाया गया पाकिस्तानका भाग
३१ जनवरी, २०२२
विश्व स्वास्थ्य संगठनद्वारा अपने मानचित्रमें जम्मू-कश्मीरको पाकिस्तानका भाग दिखाए जानेपर तृणमूल कांग्रेसके सांसद डॉ. शांतनु सेनने कडी आपत्ति जताई है । डॉ. सेनने इसपर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीको पत्र लिखते हुए अन्तरराष्ट्रीय मंचोंपर इसका प्रबलतासे विरोध करनेका अनुरोध किया है । उन्होंने आगे लिखा, “यह एक गम्भीर अन्तरराष्ट्रीय विषय है और हमारे शासनको इसकी जांचकर समयसे पूर्व इसपर कार्यवाही करनी चाहिए । इसे तुरन्त योग्य किया जाना चाहिए और राष्ट्रके लोगोंको पूछना चाहिए कि इतनी व्यापक चूक कैसे की जा सकती है ? हमारे शासनको अन्य अंतरराष्ट्रीय समस्याओंके समान इसे भी प्रभावशीलतासे उठाना चाहिए ।”
पिछले वर्ष भी विश्व स्वास्थ्य संगठनने इस प्रकारका अयोग्य मानचित्र प्रकाशित किया था । इसके अस्वीकरणमें (डिस्क्लेमरमें) कहा गया है कि सामग्रीका प्रस्तुतीकरण किसी भी राष्ट्र, क्षेत्र अथवा उसके प्राधिकारकी वैधानिक स्थितिके विषयमें विश्व स्वास्थ्य संगठनकी ओरसे किसी भी प्रकारकी सम्मतिकी अभिव्यक्ति नहीं है । अस्वीकरणके अनुसार मानचित्रपर दर्शाए गए बिन्दु किसी राष्ट्रकी सीमाओंका अनुमान मात्र हैं, जिसके सम्बन्धमें हो सकता है कि पूर्ण सहमति न हो ।
विश्व स्वास्थ्य संगठनको भारतद्वारा उचित मानचित्र रखनेके विषयमें पूर्वमें भी सूचित किया गया था । किन्तु उसने पुनः यही त्रुटि की है । क्या इतने व्यापक संगठनको अबतक भारतकी सीमाएं ज्ञात नहीं हुई ? केन्द्र शासन शीघ्र ही विश्व स्वास्थ्य संगठनपर भारतके मानचित्रको सम्यक करनेका दबाव बनाए ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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