‘बुर्का-हिजाब’पर प्रदर्शन करनेवाले कट्टरपन्थी, महिलाओंका शारीरिक शोषण करती ‘खतना’ प्रथापर रहते हैं मौन
१८ फरवरी, २०२२
देशभरमें गत कुछ सप्ताहसे ‘हिजाब’की आज्ञाके लिए प्रदर्शन हो रहे हैं । इस प्रकरणको सामाजिक जालस्थलके माध्यमसे कट्टरपन्थी निरन्तर बढावा दे रहे हैं; परन्तु मुसलमान महिलाओंके अनुसार उनका शोषण करती समस्या ‘खतना’ है और उसपर कोई भी बात नहीं करता । यह एक ऐसी वेदना है जो मुसलमान लडकीको भोगनी पडती है एवं प्रत्येक वर्ष लगभग ४० लाखसे अधिक मुसलमान लडकियोंका ‘खतना’ किया जाता है । अब गत कुछ सप्ताहसे ‘खतना’की भयावह कहानीको बतानेके लिए कुछ महिलाएं आगे आने लगी हैं एवं अपने ऊपर होते इस अत्याचारके विरुद्ध जागरूकता अभियान भी चला रही हैं । ‘डब्ल्यूएचओ’के अनुमानके अनुसार अफ्रीका, मध्य पूर्व एवं एशियाके ३० से अधिक राष्ट्रोंमें २० कोटि ऐसी महिलाएं हैं, जो इस कुप्रथाका लक्ष्य बन चुकी हैं । इस प्रक्रियाके कारण उन्हें अनेक शारीरिक समस्याओंका सामना भी करना पडता है व इस प्रथाको वह अमानवीय कृत्य कहकर सम्बोधित करती हैं ।
मुसलमान महिलाओंकी इस मांगके समर्थनमें शासनको ‘तीन तलाक’ जैसे ही ‘खतना’कुप्रथापर भी प्रतिबन्ध लगाए ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply