फरवरी १२, २०१९
मोहालीके आसपासके क्षेत्रोंमें रातके समय क्लबोंमें मद्य परोसी जा रही है और हुक्केके कश युवाओंको लगवाए जा रहे हैं । आधी रातके पश्चात परोसे जा रहे इस नशेको रोकनेके लिए कोई भी सम्बन्धित विभाग कार्म्यवाही नहीं कर रहा है । डीएमने जनपदमें हुक्केपर प्रतिबन्ध लगा रखा है । इसके पश्चात ये धडल्लेसे चल रहे हैं ।
‘डिस्क’में प्रातःकालतक पार्टियां चलती हैं और अब मद्यके साथ-साथ प्रतिबन्धित हुक्केका भी प्रयोग किया जा रहा है ! प्रातःकाल यहांसे युवा नशेमें लडखडाते हुए बाहर निकलते हैं ! रात १२ बजेके पश्चात ‘नाइट क्लब’में परोसे जा रहे मद्य और हुक्केको लेकर प्रशासनकी ओरसे कोई निरीक्षण नहीं किया जा रहा है ।
नगरमें इन क्लबोंके कारण लोगोंको निरन्तर कठिनाई झेलनी पड रही है; परन्तु उत्पाद शुल्क (एक्साइज) विभागने अपने नियमोंको न मानकर इन क्लबोंमें १२ बजेके पश्चात मद्य परोसनेकी जैसे आज्ञा ही दे दी है, जिसका लोगोंको मूल्य भी चुकाना पड रहा है ।
विश्रामालय, भोजनालय और बारको प्रत्येक दिवस मिलनेवाली इस छूटसे जहां पंजाब शासनको आर्थिक हानि उठानी पड रही है, वहीं इन क्लबमें प्रातःकालतक चलनेवाली ‘पार्टी’के कारण लोगोंकी रातोंकी नींद विकट हो गई है ।
“जिन युवाओंको राष्ट्र निर्माणमें योगदान देना चाहिए, वे युवा रात्रिभर मादकता और वासनालोलुप होकर मद्यशालामें (बारमें) अपना अनमोल जीवन नष्ट कर रहे हैं, जिसका उन्हें भान भी नहीं है । इस कृत्यमें माता-पिता, समाज और प्रशासन सभी समान रूपसे उत्तरदायी है । यह जानते हुए कि मादकता राष्ट्रको नष्ट कर रही है, उसपर प्रतिबन्ध न लगाना वैसे ही है, जैसे अपने पांवपर कुल्हाडी मारना और यह ज्ञात होते हुए भी प्रतिबन्ध न लगानेपर भी शासकवर्गोंकी बुद्धिमताका बोध होता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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