अप्रैल २१, २०१९
उडीसाके विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मन्दिरमें शनिवार, २० अप्रैलको लोग उस समय अचम्भित हो गए, जब एक युवक मंदिरके उच्च शिखरपर पहुंच गया और उसने वहां लगा ‘बाना’ (पवित्र ध्वज) हटा दिया ।
३० सालके युवक हतिया मोहंताको प्रातःकाल मन्दिरपर चढाई करते हुए देखा गया । परिसरमें उपस्थित भक्तों एवं कार्यकर्ताओंके अनुसार मोहंता पागलोंकी भांति २१४ फीट (६५ मीटर) ऊंचे मन्दिरपर चढ गया । नीचे खडे लोग उससे वापस आनेके लिए कहते रहे; परन्तु उसने किसीकी ओर ध्यान नहीं दिया ।
वह मंदिरके शिखरपर पहुंच गया और उसने ‘बाना’ हटा दिया । इसके पश्चात उसने इसे गमछेकी तरह बांधा और नीचे आ गया । यह निश्चित रूपसे अपवित्रीकरण है । हम शीघ्र ही विधि अनुसार शुद्धि अनुष्ठान करेंगें ।”
वरिष्ठ सेवक मोहांती चुनुरा नियोगाके अध्यक्ष हैं, यह विशेष सेवकोंका एक निकाय है, जो प्रत्येक दिवस विधि अनुसार ‘बाना’ बांधते हैं । इस घटना और परिसरमें कुछ दिवस पूर्व हुई चोरीकी कुछ घटनाको लेकर मोहांतीने विरोध प्रकट किया ।
पुलिस के अनुसार हतिया मोहंता मानसिक रूपसे अस्थिर व्यक्ति है, जो तटीय जनपद भद्रकका रहने वाला है । वह उडिया बोलता है ।
पुरीके सिंहवर्धा पुलिस थानेके एसएचओ श्रावन माहारानाने कहा, “इस व्यक्तिको लगभग गत तीन दिवससे मंदिरके परिसरमें घूमते हुए देखा गया था । मन्दिरके शिखरपर चढकर ध्वज उतारनेके पीछे उसका कोई विशेष उद्देश्य नहीं था, इसकी जांच की जा रही है ।”
गत सप्ताहोंमें मंदिर परिसरमें चोरीकी कमसे कम तीन घटनाओंने सुरक्षा व्यवस्थापर प्रश्न चिह्न लगा दिया है । इस माहके आरम्भमें अज्ञात व्यक्तियोंने कुछ छोटी प्रतिमाएं और नकदी चुरा ली थी । जबकि गत सप्ताह इसीप्रकारकी एक घटनामें मंदिरके सुरा नियोग परिसरसे कुछ नगदी चोरी हो गई थी । मार्चमें पूजाके समय कथित रूपसे पंडितोंका पैसोंका डिब्बा ओझल हो गया था ।
“यदि मन्दिरसे धन अर्जित करना हो तो सब ठीक है; परन्तु यदि बात उत्तरदायित्वकी आए यो शासन और मन्दिर प्रशासन दोनों ही नकारा सिद्ध होते हैं । मुख्य मन्दिरोंकी यह स्थिति है तो छोटे मन्दिरोंकी क्या होगी ? देवालयोंकी ऐसी विडम्बनाके लिए वास्तविक भक्तोंको ही देवालय सेवाका पूर्ण अधिकार मिलना चाहिए, विश्राम करनेवालोंको नहीं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
Leave a Reply