केन्द्रीय विद्यालयकी भांति देशभरमें १०० अल्पसंख्यक कल्याण विद्यालय खोलनेकी तैयारीमें शासन, क्या मदरसे बन्द होंगें ?


जून ११, २०१९

केन्द्र शासन अल्पसंख्यकोंको शिक्षा देनेके लिए नवोदय विद्यालयोंकी भांति पूरे देशमें १०० अल्पसंख्यक कल्याण विद्यालय खोलने जा रही है । इसके साथ अल्पसंख्यकोंके कल्याणके लिए कई दूसरी योजनाएं आरम्भ की जा रही हैं । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोगके अध्यक्ष सैयद गय्यूर उल हसनका कहना है कि केंद्रने अल्पसंख्यक कल्याणके लिए पांच सहस्र कोटि रुपएके धनकी व्यवस्था की है । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोगके अध्यक्ष सैयद गय्यूर उल हसन रविवारको बिजनौरकी जोगिरम्पुरीमें ‘दरगाह-ए-औलिया-नजज-ए-हिद’में पहुंचे थे ।

सैयद गय्यूर उल हसनने बताया कि केन्द्र शासनकी नूतन रोशनी स्कीममें अल्पसंख्यक समाजकी बालिकाओंकी प्रगतिके लिए कार्य हो रहा है । ‘नया सवेरा’केद्वारा ‘कोचिंग’के अभावमें सिविल सर्विसमें जानेसे वंचित होनेवाले युवा वर्गके लिए निशुल्क कोचिंग देनेकी योजना है ।

गय्यूर उल हसनने आगे कहा कि ‘नई मंजिल’में कक्षा पांच और कक्षा आठके पश्चात विद्यालय छोड चुके बच्चोंको पुनः विद्यालय ले जानेका कार्य होगा । केन्द्र शासनने अपने बजटमें पांच वर्षोंमें पांच कोटि अल्पसंख्यक बच्चोंको छात्रवृत्ति देनेका वचन दिया है ।

सैयद गय्यूर उल हसनने कहा कि अल्पसंख्यकोंमें शिक्षाकी अलख जगानेके लिए नवोदय विद्यालयोंकी भांति देशभरमें १०० अल्पसंख्यक कल्याण विद्यालय खोलनेपर कार्य चल रहा है । शिक्षा और जागरूकताकी न्यूनतासे अल्पसंख्यक विशेषतः मुसलमान इन योजनाओंका लाभ नहीं ले पाते हैं । गय्यूर उल हसनने दावा किया कि बीजेपी मुसलमानोंकी पसंद बनती जा रही है ।

“क्या केन्द्र शासन इसके पश्चात मदरसोंको बन्द करेगा ? क्या इसके बननेके पश्चात मुसलमानोंके बालकोंको अन्य विद्यालयोंमें और शासकीय विद्यालयोंमें प्रवेश नहीं मिलेगा, क्या यह सुनिश्चित किया जाएगा ? यदि नहीं तो ये अल्पसंख्यक मुसलमानोंको निशुल्क कोचिंग और छात्रवृत्तिका क्या अर्थ है ? क्या केन्द्रने निर्धन तथाकथित बहुसंख्यकोंके लिए कुछ विचार किया है ? केन्द्र इन सबका उत्तर दे ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : नभाटा



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