गोहत्याओंके समर्थकोंने भी लिया राजनीति हेतु गायका आश्रय !!


जनवरी १२, २०१९

हरियाणाके विद्यालयों और चिकित्सालयोंके पश्चात अब अरविंद केजरीवालकी दृष्टि हरियाणाकी गोशालाओंपर टिक गई है । वह रविवार, १३ जनवरीसे प्रदेशकी गोशालाओंका निरीक्षण करेंगें । इसमें केजरीवाल सोनीपत, रोहतक और हिसार लोकसभा क्षेत्रमें पडनेवाली गोशालाओंकी दशाका निरीक्षण करेंगें ।
गत कुछ समयसे हरियाणाकी राजनीतिमें धरातल खोजनेके प्रयासमें लगे आम आदमी पार्टीके राष्ट्रीय संयोजक और देहलीके मुख्यमन्त्री केजरीवालने अबतक हरियाणाके विद्यालयों और चिकित्सालयोंकी स्थितीको देखकर राज्‍यके भाजपा शासनपर लक्ष्य साधा था । अब उनकी योजना और अधिक बडी हो गई है । हरियाणाकी सत्तारूढ भाजपा गत चार वर्षके अन्तरालमें गाय और गीताके नामपर काफी गतिविधियां चला चुकी है, गोशालाओं और गायोंकी देखभालको लेकर उसके अपने दावे हैं । केजरीवाल इन्हीं दावोंकी सत्यता जानने और जनताके समक्ष पूरा चित्र प्रस्तुत करनेके लिए सक्रिय हो रहे हैं ।

अपने इस अभियानसे पूर्व केजरीवालने हरियाणाके गोशाला संचालकों और स्थानीय लोगोंके साथ कई बैठकें की और देहली बुलाकर अपने यहांकी व्यवस्था दिखाई थी । केजरीवाल अपने अभियानका आरम्भ सोनीपत लोकसभा क्षेत्रसे कर रहे हैं । वह रोहतक, हिसार और अन्य लोकसभा क्षेत्रमें पडनेवाली गोशालाओंका भी निरीक्षण करेंगें । केजरीवाल १३ जनवरीको गांव सैदपुर अठगामा गोशाला, देहली-खरखोदा रोड, सोनीपत, १४ को गांव मोखरा, श्रीकृष्ण गोशाला समिति, रोहतक और १५ जनवरीको गोशाला साला डेरी दात्ता हांसी, हिसार पहुंचेंगे ।

बीजेपी गाय और गोशालाओंके प्रकरणपर विपक्षके लक्ष्यपर रही है । विपक्ष प्रदेशमें निराश्रित पशुओं और इससे आनेवाली समस्याओंको मुद्दा बनाता रहा है । उदाहरणके रूपमें कांग्रेसने निराश्रित पशुओंके साथ ‘सेल्फी’ अभियान चलाकर बीजेपी शासनकी पोल खोलनेका प्रयास किया था । हरियाणामें इस समय लगभग एक लाख ५ सहस्रसे अधिक निराश्रित गोवंश सडकोंपर घूम रहे हैं । संवेदनहीनताका अति यह है कि जींद और साहाबादकी गोशालाओंमें दशकाधिक गायोंकी मृत्यु हो चुकी है ।
हरियाणा गोसेवा आयोगकी ओरसे गोशालाओंको २२ कोटि ९७ लाख ७१ सहस्र ३६६ रुपयोंका अनुदान भी दिया गया है । पहले प्रदेशमें ३६० गोशालाएं थीं, जिनमें २ लाख ६५ सहस्र गोवंश थे । गत तीन वर्षके मध्य प्रदेशमें १६० गोशालाएं खोली गईं, जिससे प्रदेशकी सभी गोशालाओंमें अब लगभग ३ लाख ८५ सहस्र गोवंशका पालन पोषण हो रहा है ।

“राजनीतिक स्वार्थ नेताओंसे क्या नहीं करवाता !! गौहत्यारोंके समर्थक, गौहत्यारोंके पक्षमें बोलनेवाले आज गौहितैषी बने हैं और तबतक बने रहेंगें, जबतक सत्ता न मिल जाए ! राजनीतिको विषैला करने हेतु ऐसे नेताओंका प्रचुर योगदान रहा है; परन्तु हिन्दू अब जागृत है व नेताओंकी सत्तालोलुपता व अवसरवादिताके कृत्यसे अवगत है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : नभाटा



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