जून १४, २०१९
राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टरमें (एनआरसीमें) घूस (रिश्वत) लेकर नाम जोडनेवाले दो अधिकारियोंको अपराध निरोध विभागने (एंटी-करप्शन ब्यूरोने) बन्दी बनाया है । गुरुवार, १३ जूनको सैयद शाहजहां (४८) और राहुल पाराशरको (२७) १० सहस्र रुपए घूस लेते बन्दी बनाया गया । दोनोंको गुवाहाटी स्थित दिसपुर एनआरसी केन्द्र क्रमांक ८ के कार्यालयसे बन्दी बनाया गया !
एसीबीके संचालकने कहा, ‘सैयद शाहजहां फील्ड स्तरके अधिकारी और राहुल पाराशर ‘असिस्टेंट लोकल रजिस्ट्रार ऑफ सिटिजन रजिस्ट्रेशन’के पदपर कार्यरत हैं । दिसपुर जनपदकी आनंद नगर निवासी कजरी घोष दत्तने दोनोंके विरुद्घ परिवाद (शिकायत) की थी । महिलाके अनुसार, उसका नाम ‘एनआरसी ड्राफ्ट’में नहीं है । जब महिलाने इन एनआरसी ड्राफ्टमें नामको सम्मिलित करनेके लिए आवेदन दिया, तो अधिकारियोंने १० सहस्र रुपए घूसके मांगे थे !!’
संचालकने कहा, ‘आरोपियोंके पाससे रुपए और महत्वपूर्ण लिखितपत्र मिले हैं । एनआरसी सेवा केन्द्रपर भी जांच की जा रही है । दोनों आरोपियोंने महिलाके आवेदनमें कुछ चूक निकाली थीं । इनको दूर करनेके लिए दोनोंने महिलासे १० सहस्र रुपए मांगे थे ।’
गत वर्ष जुलाईमें एनआरसीकी सूची आनेके पश्चात ४० लाख लोगोंकी नागरिकतापर संकट उत्पन्न हो गया था । इसके पश्चात पूर्वोत्तरके दो राज्य पश्चिम बंगाल और असममें राजनीतिक हंगामा हुआ था । तब ‘एनआरसी’में २.८९ कोटि लोगोंके नाम सम्मिलित किए गए थे, जबकि इसके लिए ३.२९ कोटि लोगोंने आवेदन दिया था ।
“न जाने कितने ऐसे अधिकारी होंगें, जो संज्ञानमें नहीं आए हैं और १०-१० सहस्र लेकर रोहिंग्याओंको भारतीय नागरिक बधा चुके हैं ! आज भारतके कण-कणमें इतना भ्रष्टाचार भर चुका है कि ऐसे कुकर्म करते हुए इनके हाथ भी नहीं कांपते हैं कि देशकी स्थिति कितनी भयावह हो जाएगी । यदि जिहादी बढ गए तो १० सहस्र भी कुछ काम न आएंगें । इस भ्रष्ट भारतको जागृत अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनापर ही किया जा सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भास्कर
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