जून २७, २०१९
झारखण्डमें तबरेज अंसारीकी मॉब लिंचिंग और मृत्युके प्रकरणमें अब एक नूतन मोड आ गया है । जिस गांवमें तबरेजकी मॉब लिंचिंग हुई, वहांकी महिलाओंका आरोप है कि एआइएमआइएमके लोगोंने आकर दुष्कर्म, लूट और मारनेकी चेतावनी दी है । धातकीडीह नामक इस गांवमें तबरेजकी हत्याके पश्चातसे ही सन्नाटा पसरा हुआ है । गांवके पुरुष भाग गए हैं और महिलाएं भयभीत हैं । महिलाओंने सरायकेला थानेमें परिवाद प्रविष्ट कराई है कि बीती रात गांवमें एआइएमआइएमके झंडे लगी लगभग ३० वाहनोंसे लोग धर्म विशेषके लोग आए थे, जिन्होंने धमकाया ।
धातकीडीह गांवके ग्राम प्रधान संतोष महतोने न्यूज-१८ को बताया कि चोरी करनेके लिए घुसे तबरेज और उसके मित्र उस समय भागने लगे, जब ग्रामीण आवाज सुनकर जाग गए । उसके साथी तो भागनेमें सफल रहे; परन्तु झाडीमें छिपनेके पश्चात तबरेज पकडा गया । ग्रामीणोंने बताया कि तबरेज भागनेके क्रम में गिर गया था ।
२४ वर्षके तबरेज अंसारी जमशेदपुरसे अपने गांव वापस लौट रहा था । उसी समय उन्हें घातकीडीह गांवमें भीडने चोरीकी शंकामें घेर लिया । चोरीका आरोप लगाते हुए लोगोंने उसे खम्बेसे बांध दिया और बुरे ढंगसे पीटना आरम्भ कर दिया । पीडित युवककी कई घंटेतक पिटाई की गई । इसके पश्चात १८ जूनको उसे पुलिसको सौंप किया गया, जिसके पचात तबरेजको न्यायालयमें प्रस्तुत किया गया, जहांसे उसे कारावासमें भेज दिया गया । वहां तबरेजका स्वास्थ्य बिगड गया, जिसके पश्चात २२ जूनको उसे चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई ।
तबरेजके परिजनोंने आरोप लगाया है कि मुसलमान नाम होनेके कारण लोगोंने उसकी पिटाई की । भीडने उससे ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’के बार-बार उद्घोष करवाए ।
“एक व्यक्तिकी मृत्यु हो गई तो पूरे देशमें हिन्दू आतंकवादके झण्डे उठने लगे । जिहादी अब गांवसे लोगोंको भगा रहे हैं, महिलाओंको दुष्कर्मकी चेतावनी दे रहे हैं तो अब कोई कुछ नहीं कहेगा । यह है हमारी द्विपक्षीय मानसिकता !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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