पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामनवमी पर्व के समय सांप्रदायिक तनाव के दौरान क्षतिग्रस्त मस्जिद, मदरसे और पारिवारिक संपत्ति की मरम्मत के लिए मदद देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विपक्ष लगातार हिंसा से सही ढंग से नहीं निपटने का आरोप लगाता रहा है. नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को पहुंची क्षति की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं.
इससे पहले नीतीश कुमार ने बीजेपी को इशारों-इशारों में हिदायत देते हुए कहा था कि वह साम्प्रदायिकता से समझौता नहीं करेंगे. यह आर्थिक मदद औरंगाबाद, समस्तीपुर और नवादा के डीएम की रिपोर्ट के बाद जारी की गई है.
गृह विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि समस्तीपुर जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मस्जिद और मदरसे की मरम्मत करवाने के लिए 2.13 लाख रुपये जारी किए गए हैं. मुआवजा राशि के वितरण की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है.
इसी तरह रामनवमी के मौके पर ही औरंगाबाद जिले में उत्पन्न सांप्रदायिक हिंसा में प्रभावित व्यक्तियों की परिसंपत्तियों की हुई क्षति के लिए 25.30 लाख की राशि का आवंटन गृहविभाग द्वारा दिया गया है. प्रभावितों के बीच मुआवजा राशि के वितरण की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जा रही हैं. औरंगाबाद में हिंसा के दौरान 40 दुकानों को जला दिया गया था.
नवादा जिले में प्रभावित व्यक्तियों की परिसंपत्तियों की हुई क्षति के लिए 8.50 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. प्रभावित व्यक्तियों के बीच अपेक्षित मुआवजा राशि का वितरण कर दिया गया है.
उल्लेखनीय है कि रामनवमी जुलूस के दौरान असामाजिक तत्वों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न कर दी थी. कई स्थानों पर आगजनी और दुकानों और मकानों को क्षतिग्रस्त किया गया था. इस दौरान सत्तापक्ष जहां बेबस दिखा, वहीं विपक्ष ने इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का ‘किया-धरा’ करार दिया था.
प्रक्रिया की तेजी से अधिकारी हैरान
जिस गति से आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया पूरी की गई है, उससे वरिष्ठ अधिकारी हैरान हैं. गृह विभाग के मुख्य सचिव आमिर सुभानी ने कहा कि फंड तो हमेशा दिया जाता है लेकिन इस बार रिपोर्ट को जल्द से जल्द देने को कहा गया था. इतना ही नहीं, पीड़तों को आज शाम तक पैसा मिल जाएगा.
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