जुलाई ८, २०१९
जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीने अमरनाथ यात्रियोंके लिए की गई सुरक्षा व्यवस्थाको कश्मीरियोंके लिए परेशानी बताया । महबूबाने कहा, ‘‘अमरनाथ यात्राके लिए गत कई वर्षोंसे यहांकी भूमि प्रयोग की जा रही; परन्तु दुर्भाग्य है कि इस बार व्यवस्थाएं स्थानीय लोगोंके विरुद्ध हैं ।’’ अमरनाथ यात्रा एक जुलाईसे आरम्भ हुई और १५ अगस्ततक चलेगी ।
महबूबाने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिकसे अनुरोध करती हूं कि श्रद्धालुओंकी सुरक्षा व्यवस्थासे सामने आ रही कठिनाईयोंपर संज्ञान लें ।
रविवारको महबूबाने केंद्र शासनको परामर्श देते हुए हुर्रियत नेताओंसे वार्ताका समर्थन किया । उन्होंने कहा, ‘हुर्रियत नेताओंने कहा है कि संगठन वार्ताके लिए सज्ज है । ऐसेमें शासनको इस अवसरका लाभ उठाना चाहिए और वार्ता आरम्भ करनी चाहिए ।’
‘श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड’के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरूलाके अनुसार, यात्रा मार्गपर कुछ स्थानोंपर ‘फायर फाइटिंग टीम’, ‘एक्सरे बैगेज स्कैनिंग यूनिट्स’ और २७ सुरक्षा दल भी नियुक्त किए गए हैं । नीलगढ, पांजतारनी और पहलगाममें हेलिपैड बनाए गए हैं । रास्तेमें बारकोड प्वाइंट्स और दूरसंचारकी भी व्यवस्था हैं ।
“क्या महबूबाजीको तब चित्त शान्ति मिलेगी, जबतक कुछ हिन्दू मर न जाएं ! ऐसा बोलते हुए भी उन्हें लज्जा आनी चाहिए । यह हिन्दुओंकी भूमि है और अपने तीर्थोंपर जानेके लिए वह भूमिका कैसे ही उपयोग करें और यदि सुरक्षासे इतनी ही समस्या है तो क्यों कश्मीरसे आतंकको नष्ट नहीं किया ?, इसका उत्तर दें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भास्कर
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