जुलाई ४, २०१९
गुरुग्राममें बुधवार, ३ जुलाईको पुलिसने ४४ वर्षीय हजर खानको बन्दी बनाया । हजरपर आरोप है कि वह अपनी २२ वर्षीय पत्नीपर दबाव बना रहा था कि वह गुरुग्राम न्यायालयके न्यायाधीश सहित कई लोगोंपर यौन उत्पीडनका झूठा आरोप लगाए, ताकि हजर उन लोगोंसे पैसे निकलवा सके; परन्तु यह उस समय उजागर हुआ, जब उसकी पत्नी जिला और सत्र न्यायाधीशके विरुध्द उत्पीडनकी परिवाद (शिकायत) करने थाने पहुंची । यहां पूछताछके समय महिलाने स्वीकार कर लिया कि उसका पति न्यायाधीशके विरुद्घ झूठा आरोप लगानेका दबाव बना रहा है ।
पुलिसके अनुसार महिलाने बताया है कि हजर राजस्थानका रहनेवाला है और वह उससे २०१६ में मिली थी । वह निजी चिकित्सालयमें एक परिचारिकाके (नर्सके) रूपमें कार्यरत थी । हजरने उसे स्वयंकी पहचान एक चिकित्सकके रूपमें बताई और उससे मित्रता करके, २०१७ में महिलाका धर्मपरिवर्तन करवाकर, उससे निकाह कर लिया !
महिलाका आरोप है कि हजर खान विवाहके कुछ दिन पश्चात से ही उसे शारीरिक और मानसिक रूपसे प्रताडित करने लगा था । उसे मारता-पीटता था और अप्राकृतिक यौन सम्बन्ध करनेके लिए भी प्रताडित करता था ।
महिलाने बताया है कि हत्याके प्रयासमें चार माह कारावासमें रहनेवाला हजर २०१८ से उसका दुरूपयोग लोगोंको फंसानेके लिए करता था । शीघ्र धन अर्जित करनेकी लालसामें वह उससे दूष्कर्मके झूठे प्रकरण प्रविष्ट करानेको कहता था, जिसके चलते १ मईको महिलाने रेवाडीके आठ लोगोंपर सामूहिक दुष्कर्मका आरोप लगाया था और बादमें सुलहके लिए पैसेकी मांग की थी । इसके पश्चात २९ जूनको महिलाने न्यायाधीशके सामने मानेसरके ४ लोगोंपर एक और सामूहिक दुष्कर्मका आरोप लगाया था ।
इस बार जब वह अपना वक्तव्य प्रविष्ट करवाके पतिके पास लौटी तो हजरने पूछा कि इतना समय क्यों लगा ? और फिर उसपर आरोप लगाने लगा कि वो न्यायाधीशके साथ सोई है । नवभारत टाइम्सके अनुसार १ जुलाईको वह उसे चण्डीगढ ले गया और मारपीट कर बलपूर्वक एक अधिवक्ताके (वकीलके) पास बैठकर न्यायाधीशपर दुष्कर्मका आरोप लगाते हुए परिवाद लिखवाई । उसमें लिखवाया कि परिवाद प्रविष्ट करते समय न्यायाधीशने दुष्कर्म किया । फिर परिवादपर बलपूर्वक हस्ताक्षर करवा लिए । महिलाने विरोध किया तो उसने उसकी पुत्रीको मारनेकी चेतावनी दी ।
“अपने अच्छे जीवनको छोडकर जिहादीके चंगुलमें फंसनेवाली हिन्दू महिला न केवल अपना जीवन नष्ट कर बैठी वरन न चाहते हुए भी अन्योंका भी करने लगी ! हिन्दू महिलाओं इतना भयावह होता है जिहादीका संग; अतः सावधान रहें । “- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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