जुलाई ११, २०१९
राजधानी देहलीसे सटे गुरुग्रामके सायबर सिटीमें बुधवार, ३ जुलाईको पुलिसने ४४ वर्षीय हजर खानको बन्दी बनाया था । हजरपर आरोप है कि वह अपनी २२ वर्षीय पत्नीपर दबाव बना रहा था कि वह गुरुग्राम न्यायालयके न्यायाधीश सहित कई लोगोंपर यौन उत्पीडनका झूठा आरोप लगाए, जिससे हजर उन लोगोंसे पैसे निकलवा सके; परन्तु यह उस समय उजागर हुआ, जब उसकी पत्नी जिला और सत्र न्यायाधीशके विरुद्घ उत्पीडनकी परिवाद करने थाने पहुंची । यहां पूछताछके समय महिलाने स्वीकार लिया कि उसका पति न्यायाधीशके विरुद्ध झूठा आरोप लगानेका दबाव बना रहा है !
उसने बताया कि वह इससे पहले भी लोगोंको झूठे आरोपमें फंसानेके लिए उसे धमका चुका है । पुलिसके अनुसार महिलाने बताया है कि हजर राजस्थानका रहने वाला है और वह उससे २०१६ में मिली थी । इस मध्य वह निजी चिकित्सालयमें परिचारिकाके (नर्सके) रूपमें कार्यरत थी । हजरने उसे स्वयंका अभिज्ञान एक चिकित्सकके रूपमें कराया और २०१७ में उसने महिलाको धर्मांतरणके लिए बल दिया और उसे मुसलमान बनाकर उससे निकाह कर लिया !
हजर खान विवाहके कुछ दिवस पश्चात ही उसे शारीरिक और मानसिक रूपसे प्रताडित करने लगा था । इस मध्य हजर न केवल उसे मारता-पीटता था, वरन अप्राकृतिक यौनाचार करनेके लिए भी प्रताडित करता था । महिलाने बताया है कि हत्याके प्रयासमें चार माह कारावासमें व्यतीत करनेवाला हजर २०१८ से उसका प्रयोग लोगोंको फंसानेके लिए करता था । शीघ्र पैसे अर्जित करनेके लिए वह उससे दुष्कर्मके छद्म प्रकरण प्रविष्ट करानेको कहता था, जिसके चलते १ मईको महिलाने रेवाडीके आठ लोगोंपर दुष्कर्मका आरोप लगाया था और बादमें सुलहके लिए पैसेकी मांग की थी ।
इसके पश्चात २९ जूनको महिलाने न्यायाधीशके सामने मानेसरके ४ लोगोंपर एक और सामूहिक दुष्कर्मका आरोप लगाया था; परन्तु इस बार जब वह अपने वक्तवय प्रविष्ट करवाके पतिके पास लौटी तो हजरने वाहनमें पूछा कि इतना समय क्यों लगा ? और फिर उसपर आरोप लगाने लगा कि वो न्यायाधीशके साथ सोई है ! १ जुलाईको वह उसे चण्डीगढ ले गया और मारपीट कर बलपूर्वक एक अधिवक्ताके पास बैठकर न्यायाधीशपर दुष्कर्मका आरोप लगाते हुए परिवाद लिखवाई ।
हजर खानने उस परिवादमें लिखवाया कि वक्तव्य प्रविष्ट करते समय न्यायाधीशने दुष्कर्म किया, तदोपरान्त परिवादपर बलपूर्वक हस्ताक्षर करवा लिए । महिलाने विरोध किया तो उसने उसकी पुत्रीको मारनेकी चेतावनी दी । अब महिलाने स्पष्ट किया है कि उसके पति हजरको छोडकर किसीने उससे दुष्कर्म नहीं किया है ।
“इससे स्पष्ट है कि कैसे एक अच्छा जीवन जीनेवाली महिला जिहादीके चंगुलमें फंसकर अपना जीवन नष्ट कर बैठी और जिहादी हजरने महिलाको एक प्रकारसे लज्जाहीन करके उसका दुरुपयोग किया; अतः हिन्दू युवतियो ! जिहादी चिकित्सक हो या कुछ और, उनसे दूर ही रहें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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