जुलाई ६, २०१९
असमके पश्चिम करबी अंगलोंग जनपदमें गुरुवार, ४ जुलाईको २ दुष्कर्मके आरोपी हुसैन अलीको गांवकी महिलाओंने घेरकर मार डाला, जिसकी जानकारी पुलिसको शुक्रवार, ५ जूनको दी गई ।
सूचनाके अनुसार, हुसैन नामका व्यक्ति १ जुलाईको गांवमें पारम्परिक उपचारके नामपर एक अंधी महिलाके नेत्र ठीक करने उसके घर आया था, जहां आकर उसने पहले कुछ क्रिया की और फिर ‘बाद में’ आनेको कहकर वहांसे चला गया ।
एसपी मृणाल तालुकदारके अनुसार ३ जुलाईको हुसैन पुनः उसी घरमें आया, जहां उसने पहले कुछ क्रिया कलाप किए और महिलाकी २२ वर्षीय पुत्रीको यह कहकर एक अन्य कक्षमें ले गया कि उसे कुछ और उपचार करने हैं, जिनसे उसकी मांके नेत्रोंका अंधापन दूर हो जाएगा ।
कक्षमें ले जाकर हुसैनने युवतीको नशीला पदार्थ सुंघाया और अचेत अवस्थामें उससे दुष्कर्म करके वहांसे चला गया । इसके पश्चात अगले दिन वो पुनः आया और पीडिताकी १६ वर्षीय एक सम्बन्धीके साथ भी उसीप्रकार दुष्कर्म किया !
हुसैन अलीके यह कृत्य ज्ञात होते ही क्रोधित भीडका (जिसमें अधिकतर महिलाएं थीं) क्रोध उसपर टूट पडा और उन्होंने उसे जमकर पीटा । इतना पीटा कि लगभग अधमरा कर दिया । हुसैन अलीको इसमें गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उसे चिकित्सालय ले जाया गया; परन्तु गहरी चोट लगानेके कारण हुसैन वह मर गया ।
“जब नागरिकोंका शासनपर विश्वास नहीं रहता, तभी वे ऐसे कार्यके लिए विवश होते हैं और माता-पिता क्यों न ऐसा करें ? शासन दुष्कर्मके प्रकरणमें सुप्त है और न ही कोई विधान बनानेमें समर्थ है तो ऐसी स्थितिमें अपनी बच्चियोंकी सुरक्षाके लिए माता-पिताको स्वयं विधान बनाने पडते हैं; अतः शासकगण थोडे जागे और देखे कि देशमें क्या हो रहा है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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