एनआइएने तमिलनाडुमें आइएस मॉड्यूलके ४ आतंकी बन्दी बनाए !


जून १२, २०१९

राष्ट्रीय जांच विभागने (एनआइएने) तमिलनाडु आइएस माड्यूलके मुखिया मुहम्मद अजरुद्दीनको बन्दी बना लिया है । वह श्रीलंकाई आत्मघाती आक्रान्ता जहरान हाशिमका फेसबुक मित्र था । अधिकारियोंने बताया कि ‘एनआइए’ने बुधवार, १२ जूनको कोयम्बटूरमें सात स्थानोंपर खोज की ।

एनआइएने बताया है कि खोजके समय जांच विभागनको १४ भ्रमणभाष यन्त्र (मोबाइल फोन), २९ सिम कार्ड, १० पेन ड्राइव, तीन लैपटाप, छह मेमोरी कार्ड, चार हार्ड डिस्क ड्राइव, एक इंटरनेट डोंगल और १३ सीडी/डीवीडी मिले हैं । इसके अतिरिक्त एक छुरा, एक इलेक्ट्रिक बैटन, ३०० एयर-गन पेल्लेट्स और बडी संख्यामें संदिग्ध लिखितपत्र (दस्तावेज) भी मिले हैं !

आरोपियोंके घरों और कार्यस्थलोंसे ‘पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ और “सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’के कुछ पर्चे मिले हैं । ये दोनों संगठन सुरक्षा विभागोंकी जांचके घेरेमें हैं । वक्तव्यमें कहा गया है कि सामानको लेकर आरोपियोंसे पूछताछ की जा रही है । ३० मईको कोयम्बटूरके अजरुद्दीनकी अध्यक्षतावाले प्रारूपके विरुध्द प्रकरण प्रविष्ट किया गया था । इस प्रकरणमें कोयम्बटूरके पांच अन्य लोगोंको भी नामजद किया गया था । नामजद किए गए लोगोंमें अकरम सिंधा, वाई शेख हिदायतुल्ला, अबूबकर एम, साधम हुसैन ए और इब्राहिम एट शाहीन शाह सम्मिलित हैं ।

विभागको सूचना मिली थी कि आरोपित और उसके मित्र सामाजिक प्रसार माध्यमपर (सोशल मीडियापर) आतंकी संगठन आइएसका प्रचार कर रहे हैं । उनका उद्देश्य दक्षिण भारतमें विशेष रूपसे केरल और तमिलनाडुमें आतंकी आक्रमण करनेके लिए युवकोंको भर्ती करना था । आरोप है कि अजरुद्दीन ‘माड्यूल’का नेता था और वही ‘खलीफाजीएफएक्स’ नामक फेसबुक पेजकी देखरेख करता था ।

इसी पेजके माध्यमसे वह प्रतिबन्धित आतंकी संगठनकी विचारधाराका प्रचार किया करता था । ‘एनआइए’ने आरोप लगाया है कि अजरुद्दीन श्रीलंकामें ईस्टरके अवसरपर आत्मघाती आक्रमण करनेवालोंमेंसे एक जहरान हाशिमका फेसबुक मित्र था । २१ अप्रैलको भारतके पडोसी देशमें हुए आक्रमणका उत्तरदायित्व आइएसने लिया था ।

क्या तिरुचि सिवा और हासन अब कुछ कहेंगें । क्या जो युवा राष्ट्रभाषाके विरुद्ध सडकोंपर आनेवाला था, आज वो आतंकके विरुध्द घरमें बैठा रहेगा ? वास्तवमें केरल और तमिलनाडुकी यह दुर्गति करनेवाले ये नेतागण ही है, जो केवल और केवर दण्डके पात्र हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : अमर उजाला & ऑप इण्डिया



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